इंदौर:साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर पहुंचाने के लिए इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों की खरीद फरोख्त करने वाले युवक को तिलकनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी 8 से 10 हजार रुपए लेकर सेविंग बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था. इन खातों के साथ एटीएम/डेबिट कार्ड और लिंक सिम भी दिए जाते थे.
मुखबिर की सूचना पर पकड़े गए आरोपी राहुल उम्र 22 साल से पूछताछ में सामने आया कि वह अपने और अन्य लोगों के बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था. इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी से मिली रकम को अलग अलग खातों में भेजने के लिए किया जाता था.
आरोपी के मोबाइल की जांच में खातों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं. पुलिस ने आरोपी के पास से एक सिम कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक और मोबाइल फोन जब्त किया है. मोबाइल में संदिग्ध लेन-देन और चैट से जुड़े साक्ष्य मिले हैं. पुलिस अब खाते खरीदने वाले लोगों, नेटवर्क से जुड़े अन्य सिम कार्ड और ठगी की रकम के ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटा रही है. आरोपी से पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है. मामले में एडीसीपी अमरेन्द्र सिंह ने बताया कि बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड या सिम को रुपए के लालच में किसी दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध कराना गंभीर है. ऐसे खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में हो सकता है. पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठगी की रकम के ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है
