नयी दिल्ली, 15 सितंबर (वार्ता) वस्तुओं का निर्यात अगस्त में बढ़कर 43 अरब डॉलर के पार पहुंच गया जबकि आयात के मुकाबले निर्यात में ज्यादा वृद्धि रहने से व्यापार घाटे में गिरावट दर्ज की गई।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में वस्तुओं का निर्यात बढ़कर 43.81 अरब डॉलर हो गया। पिछले साल अगस्त में यह 34.7 अरब डॉलर था। इस दौरान निर्यात भी एक साल पहले के 61.96 अरब डॉलर की तुलना में गत अगस्त में 70.67 अरब डॉलर रहा।
इस प्रकार, अगस्त 2026 में व्यापार घाटा 26.86 अरब डॉलर पर रहा। एक साल पहले यह 27.22 अरब डॉलर था।
मंत्रालय ने सेवा क्षेत्र के अनुमानित आंकड़े भी जारी किए हैं। सेवा क्षेत्र का निर्यात 31.19 अरब डॉलर से बढ़कर 38.87 अरब डॉलर और आयात 15.59 अरब डॉलर से बढ़कर 21.42 अरब डॉलर हो गया।
सेवा क्षेत्र को शामिल करते हुए व्यापार घाटा एक साल पहले के 11.62 अरब डॉलर से घटकर 9.41 अरब डॉलर रह गया है।
मौजूदा वित्त वर्ष के पहले पांच महीने में अप्रैल से अगस्त तक वस्तुओं का आयात 307.09 अरब डॉलर से बढ़कर 363 अरब डॉलर हो गया। इस दौरान निर्यात 183.21 अरब डॉलर से बढ़ता हुआ 215.91 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
जिन वस्तुओं का निर्यात सबसे अधिक बढ़ा उनमें लौह अयस्क (126.3 प्रतिशत), इलेक्ट्रॉनिक सामान (89.82 प्रतिशत), पेट्रोलियम उत्पाद (63.27 प्रतिशत), मांस, डेयरी एवं पौल्ट्री उत्पाद (37.08 प्रतिशत) और हस्तशिल्प के उत्पाद (हाथों से बनी कालीन को छोड़कर) (29.63 प्रतिशत) शामिल हैं।
पेट्रोलियम आयात अगस्त में 25.84 प्रतिशत बढ़कर 16.69 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का आयात 40.50 प्रतिशत बढ़ा और इस मद में 13.66 अरब डॉलर खर्च हुए।
वहीं, सोने के आयात में 57.75 प्रतिशत की गिरावट रही। कुल 2.30 अरब डॉलर का सोना आयात किया गया। चांदी का आयात 127 फीसदी बढ़कर 1.03 अरब डॉलर पर रहा। मशीनरी का आयात 5.71 अरब डॉलर का रहा। इसमें 10.93 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
