नौ साल से आवास का इंतजार, 40-40 हजार रुपए जमा करने के बाद भी नहीं मिला योजना का लाभ

नीमच। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास का लाभ लेने के लिए वर्ष 2017 में नगर पालिका में 40-40 हजार रुपए जमा करने के बावजूद दो भाइयों को करीब नौ वर्ष बाद भी आवास का लाभ नहीं मिलने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में आवेदन देकर दोनों भाइयों को योजना का लाभ दिलाने और पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उसके बड़े भाई दिनेश चौहान और छोटे भाई राकेश चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास प्राप्त करने के उद्देश्य से वर्ष 2017 में नगर पालिका में 40-40 हजार रुपए जमा कराए थे। उस समय परिवार को उम्मीद थी कि योजना के माध्यम से उन्हें पक्के मकान की सुविधा मिल सकेगी। लेकिन राशि जमा कराने के बाद लंबा समय बीतने के बावजूद दोनों भाइयों को आवास का लाभ नहीं मिल पाया।

आवास आवंटन के बावजूद नाम नहीं आने का आरोप

शिकायतकर्ता का कहना है कि वर्ष 2017 के बाद नगर पालिका द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कई हितग्राहियों को आवास का लाभ दिया गया। इसके बावजूद उसके दोनों भाइयों को योजना में आवास नहीं मिला। परिवार की आर्थिक स्थिति और आवास की आवश्यकता को देखते हुए कई बार नगरपालिका अधिकारियों से संपर्क कर योजना की स्थिति जानने का प्रयास किया गया।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि अब उन्हें जमा राशि वापस लेने के लिए कहा जा रहा है। ऐसे में परिवार का कहना है कि यदि वर्ष 2017 में योजना के तहत राशि जमा कराई गई थी तो इतने वर्षों बाद भी आवास का लाभ क्यों नहीं मिला और अब राशि वापस लेने के लिए क्यों कहा जा रहा है, इसका स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए।

पात्रता और हितग्राही चयन पर भी सवाल

शिकायतकर्ता ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नगर पालिका में हितग्राही चयन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया गया है कि कुछ ऐसे लोगों को योजना का लाभ दिया गया, जो शिकायतकर्ता की जानकारी के अनुसार पात्र नहीं थे। वहीं उसके दोनों भाई वर्षों से योजना के लाभ की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

हालांकि अपात्र लोगों को योजना का लाभ दिए जाने संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में वास्तविक स्थिति नगरपालिका के अभिलेख, हितग्राही सूची, पात्रता परीक्षण और योजना से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

कलेक्टर जनसुनवाई में लगाई गुहार

शिकायतकर्ता ने कलेक्टर जनसुनवाई में आवेदन देकर दोनों भाइयों के वर्ष 2017 के आवेदन, जमा राशि, पात्रता और हितग्राही चयन की प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। साथ ही पात्र पाए जाने पर दोनों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की गई है।

अब मामले में प्रशासन द्वारा क्या जांच की जाती है और नगरपालिका के अभिलेखों में वर्ष 2017 में जमा की गई राशि तथा दोनों भाइयों के आवास संबंधी प्रकरण की क्या स्थिति सामने आती है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

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