बच्चों की मौत की जिम्मेदार भाजपा सरकार, तय नहीं कर पा रहीं जिम्मेदारी: जीतू पटवारी

बालाघाट, बालाघाट जिले में बैगा आदिवासी बच्चें, चावंल घोटाला, डमलमनी काण्ड और किरनापुर थाना में महिला के साथ दुव्र्यवहार को लेकर 15 सितम्बर को बालाघाट के आम्बेटकर चौक में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी, आखिल भारतीय आदिवासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। वहीं इस दौरान ओमकार सिंह मरकाम, नारायण सिंह पट्टा विधायक, रजनीस सिंह, जिलाध्यक्ष संजय उइके, मधु भगत, विवेक विक्की पटले, पूर्व सांसद बोधसिंह भगत सहित अन्य ने सभा को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधते रहें और 32 बच्चों की मौत की जिम्मेदारी तय करने की मांग रखीं गई।

जानकारी अनुसार कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी गोंदिया से रजेगांव पहुंचे और फिर बालाघाट के आदिवासी अंचल में बच्चों की मौत को लेकर प्रदेश सरकार पर विरोध प्रर्दशन के लिए बालाघाट पहुंचे और सभा को सबोंधित किया गया। जिसके पश्चात आंबेडर चौक से शक्ति प्रर्दशन रैली निकाली गई और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

इस दौरान जीतू पटवारी ने कह कि बहुत भयावहता हमारी सरकार की पहचान हैं, बच्चों की हत्या में देश-दुनिया में नम्बर वन बन गई है। बालाघाट में एक साल से 10 साल तक के बच्चें शासन व प्रशासन के भष्टाचार एवं लापरवाही की वजह से तड़प-तड़प कर मर गए हैं। इस दौरान उन्होने कहा कि ये कभी राशन के चांवल, धान 3100 का वादा, बहनों के 3000 देने का वादा, सोयाबिन का छ हजार का वादा भी खा गए और भाषण इनके लम्बे-लम्बे हैं हर जगह सिर्फ चोरी हैं। लेकिन अब वक्त का पहिया बदल गया हैं, भाजपा और मोदी की कलाई खुल चुकी है और राहुल गांधी जो सवाल उठाते हैं वह जनता के दिलों में बैठ चुके है।

बालाघाट में बैगा बच्चों की मौत हुई वह घटना, दुर्घटना या कोई लापरवाही नहीं हैं बल्कि सुनियोजित अपराध है जो अपराध सरकार के नुमांदों ने किया है। सरकार के भष्टाचार का कैंसर भाजपा के लोगों ने जड़-जड़ तक फेला दिया हैं, उसी के कारण यहां बैगा बच्चों की मौत हुई हैं ।आदिवासियों में कुपोषण भी इसी का परिणाम हैं। यहा व्याप्त गरिबी, बेरोजगारी और बिमारी इनको अगर एक साथ ले तो इन तिनों के लिए सरकार अपराधी हैं। पुरे प्रदेश भर के आदिवासी ब्लॉकों में कांग्रेस प्रदेर्शन करेंगी जिनमें गरीबी, रोजगार, कुपोषण और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

पुरे मध्यप्रदेश में केवल बालाघाट में लिपापोती कर यहा टीम गठित कर दे, टीकाकरण कर दे और बालाघाट की स्थती को बेहतर बताकर पुरे प्रदेश में डेमेज कंन्ट्रोल कर दे। इससे काम नहीं चलेंगा इसका कांग्रेस पुरजोर से विरोध करेंगी। क्योंकि कुपोषण की बात की जाए तो श्योपुरे में आज भी आदिवासियों में कुपोषण सबसे अधिक हैं। उन्होने भाजपा सरकार को बच्चों की मौत को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी जिम्मेदारी तय करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ईस्तीफा लेना चाहिए और जिम्मेदार अधिकारी को हटाया जाना चाहिए।

इंफ्लुएंसर्स के माध्यम से आदिवासी सभ्यता को बदनाम करवा रहीं भाजपा: विक्रांत भूरिया

कांग्रेस नेता विक्रांत भूरिया ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि बालाघाट में जो कुछ हो रहा है, वह बेहद गंभीर और चिंताजनक है। आज बैगा आदिवासी बच्चों के साथ जो स्थिति बनी है, कल हमारे और आपके बच्चों के साथ भी ऐसी स्थिति हो सकती है, लेकिन सरकार इस मामले में कुछ नहीं करने वाली।

उन्होनेे आरोप लगाया कि बालाघाट के पत्रकारों को बदनाम करने और मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा द्वारा भोपाल से इंफ्लुएंसर्स को बुलाया गया। उन्होंने कहा कि बैगा अंचल में बच्चों की मौत जैसे संवेदनशील मामले पर राजनीति की जा रही है और जनता पूरे घटनाक्रम को देख रही हैं। उन्होंने कहा कि वे इससे पहले 20 अगस्त को भी बैगा अंचल पहुंचे थे। उस समय प्रशासन की ओर से 8 बच्चों की मौत की जानकारी दी गई थी, जबकि उनके अनुसार वास्तविक संख्या 25 से अधिक थी। उन्होंने कहा कि मृत बच्चों के परिजनों को पहले दो लाख रुपये मुआवजा दिया गया था, लेकिन रीवा में कांग्रेस के आंदोलन के बाद सरकार द्वारा मुआवजा राशि बढ़ाकर चार लाख रुपये किए जाने की बात सामने आई। विक्रांत भूरिया ने कहा कि राहुल गांधी के निर्देशानुसार कांग्रेस आगे भी आंदोलन जारी रखेगी और पीडि़त परिवारों को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ेगी।

इंफ्लुएंसर्स को लेकर विक्रांत भूरिया ने कहा कि बाहर से आए लोगों ने बैगा बच्चों की मौत के लिए आदिवासी सभ्यता और संस्कृति को जिम्मेदार ठहराकर भ्रम फैलाने का काम किया हंै। उन्हें तो उन्हे पकड़-पकड़ कर जूतों से मारेगें क्योंकि उन्होने आदिवासी सभ्यता और सरंस्कृति को बदनाम करने का काम किया हैं। इससे आदिवासी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि बैगा क्षेत्र में पिछले करीब छह माह से पोषण आहार का वितरण नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार से बच्चों की मौत के मामले में जवाबदेही तय करने और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की।

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