तीन साल से क्षतिग्रस्त पुलिया, ग्रामीणों ने खुद बनाया 70 फीट का जुगाड़ू पुल

टीकमगढ़। बुंदेलखंड जुगाड़ू निर्माण कार्यों के लिए जाना जाता है लेकिन जब जान जोखिम में डालने की फोटो सामने आती है तो फिर जिम्मेवारों पर सवाल खड़े हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला जिले की मोहनगढ़ तहसील की ग्राम पंचायत रानीपुरा से सामने आया जहां पर एक क्षतिग्रस्त पुलिया पिछले करीब तीन वर्षों से ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। पुलिया की हालत खराब होने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों को मजबूरी में जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों की परेशानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आवागमन जारी रखने के लिए उन्होंने अपने निजी खर्चे से करीब 70 फीट लंबा जुगाड़ू पुल तैयार कर लिया है। इसके बावजूद रास्ता सुरक्षित नहीं है और हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है।

गहरे पानी के बीच से गुजरते हैं स्कूली बच्चे

क्षतिग्रस्त पुलिया के कारण सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है। गहरा पानी होने के कारण कई बार ग्रामीणों और बच्चों को नाव की मदद लेकर पानी पार करना पड़ता है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भी चिंता बनी हुई है।

तीन साल से नहीं हुआ स्थायी समाधान

ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया क्षतिग्रस्त होने के बाद से लगातार समस्या बनी हुई है। जिम्मेदारों से कई बार समस्या के समाधान की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी पुलिया का निर्माण नहीं हो सका। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर जल्द से जल्द मजबूत एवं सुरक्षित पुलिया का निर्माण कराया जाए, ताकि आवागमन सुचारू हो सके और किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।

ग्रामीणों का कहना है कि रानीपुरा से पठलन मोहल्ला को जोड़ने वाली सड़क के बीच में एक पुलिया थी जो तालाब के भराव के कारण 3 वर्ष पहले क्षति हो ग्रस्त हो गई थी तब से लेकर अब तक लगभग 250 की आबादी में रहने वाले लोग गर्भवती महिलाएं स्कूली बच्चे बुजुर्ग सभी को मुख्य बाजार मोहनगढ़ एवं रानीपुरा गांव में आने के लिए नव का सहारा लेना पड़ता था यहां तक की नाव में शव यात्रा ले जाने कि खबरें भी सामने आई इसके बावजूद भी इस पुलिया का कोई स्थाई निर्माण नहीं किया गया जिस वजह से लोगों ने प्लास्टिक की ड्रम की मदद से एक अस्थाई पुल का निर्माण किया तब जाकर लोगों की आवाज आई हो सकी।

इनका कहना है 

उक्त समस्या को लेकर जिला पंचायत सीईओ विशाल कुमार धाकड़ से बात की गई तो उनका कहना है की ग्रामीणों को 3 साल से पुलिया निर्माण कि समस्या है उसे दिखाते हैं। यदि गहरे पानी से यदि प्लास्टिक के ड्रम और लड़कियों की मदद से अस्थाई रास्ता बनाकर लोग निकल रहे वह भी चिंता का विषय है इस विषय में पता करके शासन पर लिखित में पुलिया निर्माण की मांग की जाएगी, जल्द ग्रामीणों की समस्या का समाधान किया जाएगा।

विशाल कुमार धाकड़

जिला पंचायत सीईओ टीकमगढ़

Next Post

छात्रों की गूंज शिक्षा पर राष्ट्रीय बहस की शुरुआत करेगी: नायक

Tue Sep 15 , 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा है कि 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित होने वाला ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम देश में शिक्षा के मुद्दे पर एक नई और निर्णायक राष्ट्रीय बहस की शुरुआत करेगा। नायक ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल […]

You May Like