
सागर। बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय सागर में भर्ती कुल 102 मरीजों में से 75 मरीजों को आँखों से जुड़ी परेशानियाँ हुई थीं। जो कि चिकित्सकीय जांच के अनुसार संभवतः मिथाइल अल्कोहल के सेवन से शरीर में बनने वाले फॉर्मिक एसिड के कारण ऑप्टिक नर्व में एक्सोनल इंजरी (सूजन) आ जाती है, जो कि सामान्यतः 3-4 से 4-6 सप्ताह में सामान्य हो जाती है। सीएमएचओ डॉक्टर देवेश पटैरिया के अनुसार प्रारंभ में प्रभावित 22 मरीजों को आँखों से दिखना पूरी तरह बंद हो गया था। सभी प्रभावित मरीजों को मिथाइल प्रेडनिसोलोन थेरेपी दी गई, जिससे 17 मरीजों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार आया है और उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।शेष बचे 05 मरीजों का विशेषज्ञों/चिकित्सकों की देखरेख व निगरानी में इलाज जारी है और उनके स्वास्थ्य में भी सुधार अपेक्षित है।
