मुंबई। जहां करोड़ों-अरबों के कारोबार के फैसले होते हैं… वहीं गणपति बप्पा के जयकारे भी गूंजते हैं, मुंबई में मुकेश अंबानी और अंबानी परिवार का गणेश उत्सव हर साल खास आकर्षण का केंद्र रहता है। भव्य आयोजन, विधि-विधान से पूजा और देश की बड़ी हस्तियों की मौजूदगी… इस उत्सव को खास बना देती है।
लेकिन गणपति बप्पा की भक्ति सिर्फ बड़े कारोबारी परिवारों तक सीमित नहीं है। देश के बड़े कॉर्पोरेट और औद्योगिक परिसरों में भी गणेशोत्सव की खास रौनक देखने को मिलती है।
मुंबई से लेकर जमशेदपुर और देश के दूसरे औद्योगिक शहरों तक, कई कंपनियों में गणपति की स्थापना कर पूजा-अर्चना की जाती है। कर्मचारी और मैनेजमेंट साथ मिलकर इस उत्सव का हिस्सा बनते हैं।
टाटा समूह के विभिन्न संस्थानों और औद्योगिक परिसरों में भी गणेशोत्सव मनाने की परंपरा देखने को मिलती है। खासकर जमशेदपुर में कर्मचारी सामूहिक रूप से पूजा और उत्सव में शामिल होते हैं।
वहीं बिड़ला समूह से जुड़े संस्थानों और परिसरों में भी धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की परंपरा रही है। मुंबई में बड़े गणेश मंडलों के आयोजनों में कॉर्पोरेट और कारोबारी संस्थानों की भागीदारी और सहयोग भी देखने को मिलता है।
दरअसल, भगवान गणेश को बुद्धि, शुभ शुरुआत और विघ्नहर्ता का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि कारोबार की दुनिया में भी गणपति उत्सव आस्था और सकारात्मक शुरुआत से जुड़ा नजर आता है।
यानी…जहां सालभर बिजनेस की रणनीतियां बनती हैं, वहीं गणेशोत्सव में वही कॉर्पोरेट परिसर भक्ति और भारतीय परंपरा के रंग में रंग जाते हैं।
