
सिंगरौली। मध्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदेश सरकार से छात्रसंघ चुनाव तत्काल बहाल करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक कलेक्टर स्वयं मौके पर आकर ज्ञापन नहीं लेंगे, तब तक वे ज्ञापन नहीं सौंपेंगे। हालांकि बाद में एसडीएम सुरेश जाधव को ज्ञापन सौंपा गया।
अभाविप की ओर से उच्च शिक्षा मंत्री, उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश सरकार, मंत्रालय भोपाल के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश में वर्ष 2017 से छात्रसंघ चुनाव बंद हैं। इसके चलते प्रदेश के लाखों विद्यार्थी लंबे समय से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित हैं। संगठन ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव केवल राजनीतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक चेतना और संगठनात्मक कौशल विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि शैक्षणिक परिसरों में विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने और उनके समाधान के लिए निर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। अभाविप ने आरोप लगाया कि संगठन द्वारा समय-समय पर सरकार के समक्ष छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग रखी जाती रही है, लेकिन अब तक चुनाव की ठोस प्रक्रिया शुरू नहीं की गई।
ज्ञापन में दावा किया गया कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने भी परिसरों में छात्रसंघ चुनाव कराने के संबंध में राज्य सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। इसके बाद सरकार की ओर से सितंबर माह में चुनाव कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक चुनाव की आधिकारिक सूचना अथवा चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है। इससे विद्यार्थी समुदाय में निराशा है।
अभाविप ने मांग की कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप अकादमिक कैलेंडर के अनुसार लिंगदोह समिति की अनुशंसाओं के आधार पर प्रत्यक्ष, पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं। संगठन ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव बहाल होने से उच्च शिक्षा परिसरों में लोकतांत्रिक संस्कृति मजबूत होगी और विद्यार्थियों को नेतृत्व का अवसर मिलेगा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द चुनाव की घोषणा करने की मांग की। अंततः एसडीएम सुरेश जाधव को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई।
