नई दिल्ली: राम जेठमलानी मेमोरियल लेक्चर सीरीज में चीफ जस्टिस ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका की वैधता हारने वाले पक्ष के संतुष्ट और निष्पक्ष प्रक्रिया के अहसास से बनती है।
पारदर्शिता और आलोचना का स्वागत
सीजेआई ने कहा कि संस्थागत जवाबदेही के लिए रचनात्मक आलोचना जरूरी है। कोर्ट जांच से परे नहीं रह सकता और पारदर्शिता से ही न्याय का अहसास होता है।
फिक्सर वकीलों पर चिंता
वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने ट्रिब्यूनल व अदालतों में सक्रिय ‘फिक्सर वकीलों’ पर चिंता जताते हुए उनके नाम कॉलेजियम को सौंपने की वकालत की।

