
शुजालपुर, सिटी मंडी रोड स्थित बिजली कंपनी के 132 केवी उपकेंद्र से स्क्रैप बेचने के मामले में निलंबित एई विजय ओझा विभागीय जांच में दोषी पाए गए हैं. जांच पूर्ण होने के बाद रिपोर्ट जबलपुर मुख्यालय भेज दी गई है, वहीं से जल्द कार्रवाई होगी. वर्तमान में ओझा सिंगरौली में पदस्थ है.
बता दें बेशकीमती बिजली सामान चोरी करने के आरोप में दो कबाड़ी, वाहन चालक और मजदूर समेत 6 लोगों पर जनवरी 26 में केस दर्ज किया था जबकि मामले में एई विजय ओझा पर कबाड़ी और अन्य लोगों ने उन्हें स्क्रैप बेचने बताया था. मामला मीडिया में आने के बाद उज्जैन से आई दो सदस्यीय जांच कमेटी ने मामले में एई की गंभीर लापरवाही मानी थी. इस पर ओझा को तत्काल निलंबित कर सिंगरौली अटैच कर दिया गया था.
कार्यपालन यंत्री ने दर्ज करवाई थी शिकायत
सिटी थाना शुजालपुर में 31 जनवरी को कार्यपालन अभियंता अरुणकुमार कनोजिया की सूचना पर कैलाश बागरी, जावेद खान, शकील खान, आरिफ खान, इस्माइल खान एवं आमिर के विरुद्ध चोरी का प्रकरण दर्ज किया गया. केस में उल्लेख किया गया कि सामग्री 132 केवी उपकेंद्र से 220 केवी उपकेंद्र भेजी जानी थी, लेकिन वाहन चालक और अन्य लोग उसे वहां न ले जाकर कबाड़ी के घर ले गए. इधर पीडि़तों का कहना था कि सामग्री विभागीय अधिकारी ने ही बेची थी.
इनका कहना
एमपी ट्रांसको के 132 केवी ग्रिड शुजालपुर से स्क्रैप मटेरियल बेचने के मामले में सहायक अभियंता विजय ओझा के विरुद्ध विभागीय जांच पूरी कर ली है. रिपोर्ट जबलपुर मुख्यालय भी भेज दी है, आगे फैसला मैनेजमेंट स्तर से होगा.
अनिल सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, एमपी ट्रांसको, उज्जैन
