हिंदी दिवस: जब हिंदी ने हर दौर में खुद को बदला

नई दिल्ली। क्या हिंदी सिर्फ एक भाषा है, या बदलते समय के साथ आगे बढ़ती एक पूरी यात्रा?
कभी ब्रज और अवधी जैसी बोलियों का दौर था, फिर खड़ी बोली ने आधुनिक हिंदी को मजबूत आधार दिया। अखबार, रेडियो और टीवी ने हिंदी को करोड़ों लोगों तक पहुंचाया। इसके बाद इंटरनेट आया, तो हिंदी में अंग्रेजी के शब्द बढ़े और हिंग्लिश का चलन तेज हुआ।
अब हिंदी एक नए दौर में प्रवेश कर रही है—AI के दौर में। आज हम AI से हिंदी में बातचीत कर रहे हैं, हिंदी लिखवा रहे हैं और मशीनों को हिंदी समझना सिखा रहे हैं।
यानी हिंदी का सफर बोलियों से खड़ी बोली, खड़ी बोली से हिंग्लिश और अब AI तक पहुंच चुका है। भाषा बदलती रही, लेकिन उसका सफर रुका नहीं।

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