देवसर : देवसर बाजार क्षेत्र में लाखों रुपये मूल्य की बेशकीमती सरकारी जमीन पर कथित रूप से अवैध बेजा कब्जे को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा तेज है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक ओर प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार की जा रही है, वहीं दूसरी ओर महत्वपूर्ण और बेशकीमती सरकारी भूमि पर लंबे समय से बने कब्जों के विरुद्ध अपेक्षित कठोर कार्रवाई नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार आदिवासी विकास परियोजना कार्यालय एवं ब्लॉक कॉलोनी मार्ग के बीच स्थित नल-जल योजना की टंकी से जुड़ी बेशकीमती जमीन पर एनएच-39 से पीछे की ओर तक कथित रूप से अवैध कब्जा किया गया है। वहीं स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क किनारे झोपड़ी, ठेला और टिन लगाकर छोटे स्तर पर व्यापार करने वालों के विरुद्ध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, लेकिन लाखों रुपये मूल्य की सरकारी जमीन पर कथित कब्जा कर व्यवसाय करने वालों के विरुद्ध अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। साथ ही स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि कुछ कब्जाधारियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने के कारण स्थानीय प्रशासन कठोर कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
दोपहिया वाहन स्टैंड बनाने की मांग
देवसर बाजार में वर्तमान में व्यवस्थित दोपहिया वाहन स्टैंड नहीं होने के कारण स्थानीय नागरिक एवं व्यापारी अपनी गाड़ियां एनएच-39 के किनारे खड़ी करने को मजबूर हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि उक्त सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाए तो वहां व्यवस्थित दोपहिया वाहन स्टैंड बनाया जा सकता है, जिससे बाजार में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और एनएच-39 पर अनावश्यक वाहन खड़े होने की समस्या भी कम हो सकती है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सरकारी भूमि की सीमांकन एवं जांच कराकर अतिक्रमण पाए जाने पर निष्पक्ष और समान कार्रवाई की जाए तथा भूमि को जनहित के उपयोग में लाया जाए।
