इंदौर: किशनगंज थाना क्षेत्र में मोबाइल में एक अज्ञात ऐप डाउनलोड करना पीड़ित को काफी महंगा पड़ गया. पीड़ित के मोबाइल पर जैसे ही दोस्त का कॉल आया, फोन अचानक ऑटोमैटिक अपडेट होने लगा. मोबाइल रीस्टार्ट होते ही पीड़ित के बैंक खाते से 98 हजार रुपये की राशि गायब हो गई. ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत पुलिस की शरण ली. फरियादी की शिकायत पर किशनगंज थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
ऑनलाइन धोखाधड़ी की यह वारदात ग्राम किशनगंज निवासी दीपक पिता अजाब राव अडलक के साथ घटित हुई. फरियादी ने थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्होंने 14 अगस्त को अपने मोबाइल फोन में Tubiनाम की एक संदिग्ध एप्लीकेशन की लिंक के जरिए ऐप डाउनलोड किया था. इसके अगले दिन यानी 15 अगस्त की दोपहर करीब 2:52 बजे उनके मोबाइल पर उनके एक दोस्त का फोन कॉल आया.फरियादी के मुताबिक, जैसे ही फोन की घंटी बजी, उनका मोबाइल अपने आप ‘ऑटोमैटिक अपडेट’ मोड पर चला गया और स्क्रीन बंद हो गई.
कुछ देर बाद जब मोबाइल दोबारा ऑन हुआ, तो पीड़ित के होश उड़ गए. उनके मोबाइल पर बैंक से पैसे कटने का मैसेज आ चुका था, जिसमें उनके बैंक खाते से कुल 98,000 रुपये किसी अज्ञात व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हो चुके थे. पीड़ित ने तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन से संपर्क किया, लेकिन तब तक ठग रकम निकाल चुके थे.किशनगंज थाना पुलिस ने फरियादी दीपक अडलक की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. पुलिस की प्राथमिक जांच में अंदेशा जताया जा रहा है कि पीड़ित द्वारा डाउनलोड की गई ऐप वास्तव में एक मैलवेयर या रिमोट एक्सेस टूल थी, जिसके जरिए ठगों ने फोन को हैक कर बैंक खाते का एक्सेस हासिल कर लिया था. पुलिस की साइबर टीम अब उस बैंक खाते की जानकारी जुटा रही है जिसमें 98 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए हैं, साथ ही संदिग्ध ऐप लिंक की भी तकनीकी जांच की जा रही है
