डेंगू-मलेरिया के मरीजों की संख्या में इजाफा

सीहोर। बारिश और मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच जिले में बीमारियों का प्रकोप बढऩे लगा है. अस्पतालों में सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं मच्छरजनित बीमारियों ने भी पैर पसार लिए हैं. मलेरिया विभाग के अनुसार जिले में डेंगू के 12 और मलेरिया के 12 मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि चिकनगुनिया के तीन मामलों की पुष्टि हुई है. बदलते मौसम के बीच इन बढ़ते आंकड़ों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है.

बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी मच्छरों के लिए अनुकूल वातावरण बना रहा है. नालियों, खाली प्लॉटों, घरों के आसपास और पानी जमा होने वाले अन्य स्थानों पर बीमारियों को जन्म देने वाले मच्छरों का प्रजनन रोकना बड़ी चुनौती है. यही कारण है कि बुखार के मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच स्वास्थ्य अमला मच्छरजनित बीमारियों पर निगरानी बढ़ा रहा है.

जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों वायरल फीवर, सर्दी, खांसी, गले में खराश और बदन दर्द की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं. मौसम में अचानक आए बदलाव का असर बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा दिखाई दे रहा है. सामान्य वायरल और डेंगू-मलेरिया के लक्षण शुरुआती दौर में मिलते-जुलते होने के कारण चिकित्सक बुखार रहने पर जांच कराने की सलाह दे रहे हैं.

विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार बुखार, तेज सिरदर्द, बदन या जोड़ों में दर्द, अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए. बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं लेने के बजाय जांच कराकर उपचार शुरू करना जरूरी है. खासकर डेंगू की आशंका में स्वयं से दर्द निवारक दवा लेना नुकसानदायक हो सकता है. मौसम जन्य बीमारियों का बढ़ता दायरा अब केवल अस्पतालों की ओपीडी तक सीमित नहीं है। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के सामने आए मामलों के बीच बीमारी रोकने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग के साथ आमजन की भी है. मच्छरों के पनपने की जगहों को खत्म करना और बुखार के लक्षणों पर जांच कराना ही संक्रमण की रफ्तार रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है.

घरों के पास जमा पानी बना खतरे की वजह

बारिश के बाद घरों और आसपास जमा साफ पानी डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लिए प्रमुख प्रजनन स्थल बन सकता है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को कूलर, पानी की टंकियों, गमलों, पुराने टायरों और अन्य बर्तनों में पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी जा रही है. मच्छरों से बचाव के लिए रात में ही नहीं, दिन के समय भी सावधानी जरूरी है.

अमला गांवों में कर रहा है सर्वे

मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरुरत है. बुधनी, नसरुल्लागंज के अलावा श्यामपुर और सीहोर में विभागीय अमला सर्वे कर रहा है. एहतियातान लोगों को समझाईश दी जा रही है. इसके अलावा गांवों में फॉगिंग भी की जा रही है.

श्रीमती क्षमा बर्वे,
जिला मलेरिया अधिकारी

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