कीव, 13 सितंबर (वार्ता) पोलैंड सीमा से महज कुछ सौ मीटर दूर यूक्रेनी शहर याहोडिन पर रूस ने रविवार को भीषण ड्रोन हमला किया जिसकी चपेट में आने से एक पेट्रोल पंप और वहां खड़े कई ट्रकों में आग लग गयी।
यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया कि रूस ने देश भर में हवाई हमले तेज कर दिये हैं।
यूक्रेन के विदेश मंत्री अंदरी सिबिहा ने ‘एक्स’ पर लिखा, “याहोडिन में यूक्रेन-पोलैंड सीमा पारगमन केंद्र पर रूस के बर्बर हमले केवल हमारी राजकीय सीमाओं पर हमलों का सिलसिला भर नहीं हैं। यह पुतिन का आतंक है, जो सीधे यूरोपीय संघ (ईयू) और नाटो के दरवाजे पर ‘दस्तक’ दे रहा है।”
यूक्रेनी प्रसारक ‘सुस्पिलने’ की रिपोर्ट के अनुसार, हमले के मलबे से पेट्रोल पंप की इमारत और पास में खड़े कई ट्रकों में आग लग गयी। इस वजह से पारगमन सीमा को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था, लेकिन स्थानीय समयानुसार आज सुबह 10 बजे तक परिचालन सामान्य रूप से बहाल कर दिया गया है।
याहोडिन पारगमन यूक्रेन-पोलैंड के बीच उन प्रमुख मार्गों में से एक है, जिसका उपयोग यूक्रेन में सैन्य और मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए किया जाता है।
एक अन्य घटना में, ‘यूक्रेनी रेलवे’ ने बताया कि आज सुबह वॉलिन क्षेत्र में पोलैंड सीमा से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर एक रूसी ड्रोन यात्री ट्रेन के इंजन से टकरा गया।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा, “इस ड्रोन हमले में जानबूझकर ट्रेन के इंजन को जलाया गया और पेट्रोल पंप को नुकसान पहुंचाया गया।”
श्री जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने पिछले एक हफ्ते में यूक्रेन पर 2,000 से अधिक ड्रोन दागे हैं। इनमें से कई जेट-संचालित मॉडल के थे, जो पारंपरिक ड्रोन की तुलना में काफी तेज हैं। इन्हें हवा में रोकना अधिक कठिन होता है।
यह हमला यूक्रेन भर में ईंधन सुविधाओं पर हो रहे लगातार हमलों के बीच हुआ है। कीव में ड्रोन हमलों के असर को कम करने के उद्देश्य से पेट्रोल पंप नेटवर्क ने अपने परिसरों के चारों ओर जालीदार पिंजरे लगाना शुरू कर दिया है।
इस बीच, यूक्रेनी सेना ने दावा किया कि उसने रात भर चले अभियान में रूस के ततारस्तान क्षेत्र में स्थित तानेको तेल रिफाइनरी पर हमला किया।
यूक्रेन के स्पेशल ऑपरेशन फोर्सों ने बताया कि निझनेकाम्स्क स्थित रिफाइनरी पर हमला ‘यूक्रेन की सुरक्षा सेवा’ और ‘मुख्य गुप्तचर निदेशालय’ के साथ मिलकर किया गया था। वहीं, ततारस्तान के अधिकारियों ने कहा कि निझनेकाम्स्क पर हुए इस यूक्रेनी हमले में दो नागरिकों की मौत हो गयी और कई अन्य घायल हो गये।
युद्ध के दौरान दोनों पक्षों ने लंबी दूरी के ड्रोन हमलों को तेज कर दिया है, जिसके तहत ऊर्जा बुनियादी ढांचे और अन्य रणनीतिक ठिकानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।