
रीवा, शहर के गांधी मेमोरियल अस्पताल में जच्चा-बच्चा की हुई मौत के बाद लगातार विरोध चल रहा है. बेटी कल्पना को न्याय दिलाने के लिये पिता का आमरण अनशन रविवार को 12 वें दिन जारी रहा. जहा लोगो ने पहुंचकर समर्थन किया.गौरतलब है कि प्रसूता कल्पना मिश्रा की मौत के बाद परिजनों ने जमकर विरोध किया था. इसके बाद दो महिला डाक्टर को निलंबित करने के साथ डीन और अधीक्षक को भी हटा दिया गया. लेकिन आमरण अनशन में बैठे पिता रामशिरोमणि मिश्रा इससे संतुष्ट नही है और दोषी लोगो के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए है. सिरमौर चौराहा में 12 दिन से एक पिता का आमरण अनशन चल रहा है. रविवार को भी लोग समर्थन देने पहुंचे और यहा अगस्त क्रांति मंच के संयोजक कुंजबिहारी तिवारी, प्रमोद शर्मा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता कई दिन से आमरण अनशन स्थल पर मौजूद है. लगातार लोग जाकर अपना समर्थन दे रहे है. तमाम समझाइश के बाद भी मृतका के पिता मानने को तैयार नही हैं और उनका साफ कहना है कि मेरी बेटी को न्याय मिले. आमरण अनशन में बैठे पिता की तबियत धीरे-धीरे खराब हो रही है. कलेक्टर-एसपी पूर्व में मिलकर समझाइश दे चुके है फिर भी पिता रामशिरोमणि अनशन तोडऩे को तैयार नही है. अनशन स्थल पर पहुंच रहे लोगो का कहना है कि कल्पना को न्याय मिला, मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि अपराध बनता है तो जिम्मेदार लोगो के खिलाफ कानून के अनुसार एफआईआर हो.
