
नई दिल्ली। BRICS शिखर सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले का मुद्दा उठाए जाने पर इस हमले में मारे गए कानपुर के शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशन्या द्विवेदी ने प्रधानमंत्री मोदी के रुख की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि जब 26 पीड़ित परिवारों का दर्द दुनिया के इतने बड़े मंच तक पहुंचता है, तो उसका संदेश गहरा और दूरगामी होता है।
ऐशन्या ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहलगाम हमले का जिक्र होना सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत के सख्त रुख का संकेत है। उन्होंने रिपब्लिक भारत से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री का इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उठाना पीड़ित परिवारों को यह भरोसा देता है कि वे अकेले नहीं हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आमतौर पर किसी घटना की चर्चा कुछ दिनों में ही थम जाती है, लेकिन पहलगाम हमले को एक साल से ज्यादा समय बीतने के बावजूद आज भी बड़े मंचों पर उसकी बात होना देश की मजबूती दिखाता है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को लगता है कि उसे फंडिंग मिलती रहेगी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स में साफ संदेश दे दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति जीरो टॉलरेंस की है।
गौरतलब है कि नई दिल्ली घोषणापत्र में ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों की स्पष्ट निंदा की है। साथ ही 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की भी कड़े शब्दों में निंदा की गई, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी।
