
इंदौर. बैंक खातों को किराए पर लेकर साइबर ठगी की रकम इधर से उधर करने वाले गिरोह का हीरानगर पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से सैकड़ों सिम, एटीएम कार्ड और बैंक पासबुक बरामद की गई हैं. जांच में अब तक करीब दो करोड़ रुपए के लेन-देन का पता चला है. इनमें कई ऐसे ट्रांजैक्शन भी मिले हैं, जिनमें एक ही बार में करीब 40-40 लाख रुपए की रकम खाते में आई-गई.
गिरफ्तार आरोपियों में सुरेन्द्र चौहान उम्र 40 साल निवासी नेहरू नगर, मोहित उर्फ अनमोल कुशवाह उम्र 24 साल निवासी पांचू कुम्हार की चाल, अमितेष रघुवंशी उम्र 20 साल निवासी सिसोदिया कॉलोनी गुना और श्याम रघुवंशी उम्र 32 साल निवासी ग्राम महाना, अशोकनगर शामिल हैं. पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग दूसरे लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उनका इस्तेमाल संदिग्ध लेन-देन के लिए कर रहे हैं, इसके बाद टीम ने दबिश देकर चारों को पकड़ा. उनके पास मिले सिम कार्ड, एटीएम और पासबुक की जांच की गई तो कई बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड की रकम के लेन-देन में किए जाने की जानकारी सामने आई.
चारों आरोपी पहले भी साइबर फ्रॉड के मामलों में जेल जा चुके
पुलिस ने भारत सरकार के समन्वय पोर्टल से भी खातों और लेन-देन की जानकारी जुटाई है. जांच में आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड भी सामने आए हैं. चारों आरोपी पहले भी साइबर फ्रॉड के मामलों में जेल जा चुके हैं और उनके खिलाफ अन्य अपराध भी दर्ज हैं. अब पुलिस रिमांड में उनसे जुड़े दूसरे खातों और साइबर ठगी के मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है. मामले में एसीपी रुबिना मिजवानी ने बताया कि बैंक खातों और जब्त किए गए सिम कार्ड की जांच से साइबर फ्रॉड से जुड़े कई अन्य लेन-देन सामने आए हैं, आरोपियों से पूछताछ जारी है. इससे यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि खाते किसके लिए उपलब्ध कराए गए थे और इनका इस्तेमाल किन-किन ठगी के मामलों में हुआ है.
