सीहोर में गैस पाइपलाइन की खुदाई से टूटीं पेयजल लाइनें, उधड़े फुटपाथ और सड़कों पर कीचड़

सीहोर। शहर में घर-घर गैस पहुंचाने के लिए चल रही गेल इंडिया की पाइपलाइन की खुदाई शहर की सुविधाओं पर भारी पडऩे लगी है. कहीं पेयजल लाइनें टूट रही हैं तो कहीं नगर पालिका के बनाए फुटपाथ के पेवर ब्लॉक उखड़कर बिखर गए हैं. खुदाई के बाद गड्ढों की ठीक से भरपाई नहीं होने से मिट्टी धंस रही है और दो माह पहले बनी सड़क भी कीचड़ में तब्दील हो गई है. हालात यह हैं कि सुविधा के लिए नगरीय क्षेत्र में बिछाई जा रही गैस पाइपलाइन के बदले शहरवासियों को टूटी सड़क, उजड़े फुटपाथ और हादसों का खतरा मिल रहा है. क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्तियों की बहाली को लेकर नपा की भूमिका भी सवालों के घेरे में है.

शहर में घर-घर गैस पहुंचाने के लिए गेल इंडिया पाइपलाइन बिछा रही है, लेकिन गैस की यह सुविधा फिलहाल शहरवासियों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है. पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कों और फुटपाथों की जगह-जगह खुदाई की जा रही है. इससे कहीं पेयजल पाइपलाइन टूट रही है तो कहीं नपा द्वारा लाखों रुपए खर्च कर बनाए गए फुटपाथ के पेवर ब्लॉक उखड़कर बर्बाद हो गए हैं. सबसे गंभीर स्थिति खुदाई के बाद सड़क की बहाली को लेकर है. गड्ढे भरने में लापरवाही के चलते मिट्टी धंस रही है और कई जगह सड़क पर कीचड़ फैलने से वाहन फिसल रहे हैं.

भोपाल नाके पर फुटपाथ के पेवर ब्लॉक भी पाइपलाइन की खुदाई की चपेट में आ गए. जगह-जगह ब्लॉक टूटे और उखड़े पड़े हैं. ऐसे में पैदल चलने वालों को फुटपाथ छोड़कर सड़क पर चलना पड़ रहा है. व्यस्त मार्ग पर यह स्थिति किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

ऐसे में नपा को यह तय करना होगा कि गैस कंपनी पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क और फुटपाथ को उसी स्थिति में बहाल करे, जिस स्थिति में वह खुदाई से पहले थे. केवल पाइपलाइन बिछा देना काम पूरा होना नहीं है. उसके बाद शहर की संपत्ति को सुरक्षित और व्यवस्थित रखना भी उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी है.

सेकड़ाखेड़ी रोड के फुटपाथ का कर दिया सत्यानाश

नगर पालिका ने सेकड़ाखेड़ी रोड पर पैदल राहगीरों की सुविधा के लिए फुटपाथ पर पेवर ब्लॉक लगाए थे. व्यवस्थित फुटपाथ लोगों के लिए सुविधा बना था, लेकिन गेल की पाइपलाइन की खुदाई के बाद यहां पेवर ब्लॉक उखाड़ दिए गए. पाइपलाइन डालने के बाद फुटपाथ को पहले जैसा व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी भी गंभीरता से नहीं निभाई गई. नतीजा यह है कि राहगीरों की सुविधा के लिए बनाया गया फुटपाथ अब खुद परेशानी का कारण बन गया है.

दो महीने पहले बनी सड़क, अब कीचड़ में तब्दील

तहसील के समीप तो सड़क की हालत देखकर काम की गुणवत्ता और निगरानी दोनों पर सवाल उठ रहे हैं. करीब दो माह पहले ही सड़क का डामरीकरण कराया गया था. इसके किनारे गैस पाइपलाइन के लिए खुदाई कर दी गई. खुदाई के बाद मिट्टी और पानी सड़क पर आने से यहां कीचड़ की स्थिति बन गई है. दोपहिया वाहन इस कीचड़ में स्लिप हो रहे हैं. सवाल यह है कि जिस सड़क पर कुछ समय पहले ही सरकारी राशि खर्च कर डामरीकरण कराया गया, उसे फिर से खुदाई के बाद इसी हालत में छोडऩे की जिम्मेदारी आखिर किसकी तय होना चाहिए.

गैस कंपनी को करेंगे तलब

हमारे द्वारा कई बार गैस कंपनी के जिम्मेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा नोटिस भी दिए जा चुके हैं. हालांकि सड़कों की रिपेयरिंग करना उन्हीं की जिम्मेदारी है. अब फिर उन्हें सख्त निर्देशित किया जाएगा.

सुधीर कुमार,
मुख्य नपाधिकारी, सीहोर

Next Post

त्योहारों को लेकर हुई समितियों की बैठक

Sun Sep 13 , 2026
सीहोर। गणेश उत्सव, डोल ग्यारस एवं अनंत चतुर्दशी को लेकर शनिवार को थाना कोतवाली में गणेश उत्सव समितियों की बैठक आयोजित की गई. जिसमें सीएसपी, तहसीलदार एवं थाना प्रभारी सहित वरिष्ठ नागरिक, सामाजिक प्रमुख तथा विभिन्न आयोजनों के प्रमुख मौजूद थे. बैठक के दौरान आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण […]

You May Like