नई दिल्ली। दिल्ली में BRICS Summit के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत पहुंच चुके हैं इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात होने वाली है। यह मुलाकात इसलिए खास मानी जा रही है, क्योंकि शी जिनपिंग करीब 7 साल बाद भारत आए हैं। इससे पहले वे 2019 में महाबलीपुरम दौरे पर आए थे। लेकिन 2019 के बाद भारत-चीन के रिश्तों में बड़ा बदलाव आया। 2020 में गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसके बाद सीमा विवाद और द्विपक्षीय संबंधों में तनाव बढ़ गया। बातचीत भी प्रभावित हुई।
इसके बाद 2024 से दोनों देशों ने सीमा पर हालात सुधारने और बातचीत आगे बढ़ाने की कोशिशें शुरू कीं। अब 2026 में मोदी और शी की यह मुलाकात इस बात का संकेत मानी जा रही है कि भारत और चीन रिश्तों को सामान्य करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। हालांकि सीमा विवाद समेत कई अहम मुद्दे अभी भी बाकी हैं। ऐसे में सवाल यही है—क्या यह मुलाकात सिर्फ एक कूटनीतिक तस्वीर तक सीमित रहेगी, या भारत-चीन संबंधों में कोई बड़ा बदलाव भी देखने को मिलेगा?
