
सतना : शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कार्यरत स्ववित्तीय एवं जनभागीदारी अतिथि विद्वानों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्राचार्य को आवेदन पत्र सौंपा है. अतिथि विद्वानों का कहना है कि सत्र 2026-27 में उन्हें 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि का आश्वासन दिया गया था, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया है.
अतिथि विद्वानों ने बताया कि कॉलेज प्रशासन द्वारा तकनीकी कारणों का हवाला देकर वेतन वृद्धि को टाल दिया गया था. प्राचार्य द्वारा आश्वासन दिया गया था कि सितंबर माह तक वेतन में बढ़ोतरी कर दी जाएगी, जिसके भरोसे सभी अतिथि विद्वान पूरी निष्ठा के साथ अपने शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन करते रहे.
महंगाई में जीवन-यापन हुआ मुश्किल
ज्ञापन में अतिथि विद्वानों ने पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि मौजूदा महंगाई के दौर में वर्तमान मानदेय से मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति और परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है. तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी वेतन में वृद्धि न होने के कारण सभी अतिथि विद्वानों में भारी असंतोष और निराशा व्याप्त है.
अतिथि विद्वानों ने प्राचार्य से आग्रह किया है कि पूर्व में दिए गए वादे के अनुसार तत्काल 10 प्रतिशत की वेतन वृद्धि लागू की जाए ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके.
