काठमांडू, नेपाल में प्राकृतिक आपदा का कहर लगातार जारी है, जहां अचानक आई भीषण बाढ़ के चलते जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 1,377 तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित जिलों में चलाए जा रहे खोज अभियानों के दौरान लगातार नए शव बरामद हो रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक अकेले चितवन जिले से 364, पूर्वी नवलपरासी से 228, पश्चिमी नवलपरासी से 222 और नुवाकोट से 198 शव बरामद किए गए हैं, जिससे पूरे देश में शोक और चिंता का माहौल है।
सुरक्षा बलों द्वारा राहत और बचाव अभियान जारी, आपदा प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 13,000 से अधिक सुरक्षित निकाले गए
आपदा की इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा कर्मियों की संयुक्त कमांड द्वारा युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक प्रभावित क्षेत्रों से 13,656 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि, अभी भी लगभग 5,130 लोगों के लापता होने की आशंका बनी हुई है, जिनकी तलाश के लिए मलबे और पानी के बीच सघन अभियान चलाया जा रहा है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बीते दिनों आए हिमस्खलन के कारण उफनाई भोटेकोशी नदी ने निचले इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है।
भोटेकोशी नदी की बाढ़ से भारी बुनियादी ढांचे का नुकसान, तिब्बत सीमावर्ती क्षेत्रों में भी व्यापक असर
हिमालयी सीमावर्ती क्षेत्रों से दक्षिण की तरफ बहने वाली भोटेकोशी नदी के तांडव ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को मलबे के ढेर में बदल दिया है। इस आपदा का असर केवल नेपाल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि चीनी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सीमा पार तिब्बत और चीन के हिस्सों में भी कम से कम 43 लोगों की जान गई है तथा 500 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। बुनियादी ढांचे के भारी नुकसान और संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण नेपाल सरकार के सामने इस अभूतपूर्व संकट से उबारना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

