रतलाम में फिर आवारा कुत्तों का आतंक: छह साल के मासूम पर 6-7 कुत्तों ने किया हमला, भीड़ ने बचाई जान

रतलाम। शहर में आवारा कुत्तों का आतंक एक बार फिर सामने आया है। साक्षी पेट्रोल पंप के पास स्थित कोमल नगर क्षेत्र में छह साल के मासूम बच्चे पर आधा दर्जन से अधिक आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। बच्चा अपने दादा और बहन के साथ दुकान से खाने-पीने की चीज लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान अचानक 6-7 कुत्तों के झुंड ने बच्चे को घेरकर उस पर हमला कर दिया।

मासूम के साथ कुत्तों को देखकर आसपास मौजूद लोगों और राहगीरों की भीड़ मौके पर पहुंची और किसी तरह कुत्तों को भगाकर बच्चे को बचाया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। यदि समय रहते आसपास के लोग नहीं पहुंचते तो मासूम गंभीर रूप से घायल हो सकता था।

हर घटना के बाद जागता है प्रशासन, फिर वही हालात

शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। आए दिन बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों के पीछे कुत्तों के झुंड दौडऩे की घटनाएं सामने आती हैं। सवाल यह है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों करता है?

नगर निगम द्वारा आवारा कुत्तों को पकडऩे, नसबंदी और अन्य कार्रवाई के लिए टीम होने के बावजूद शहर की गलियों में कुत्तों के झुंड लगातार नजर आ रहे हैं। ऐसे में डॉग स्क्वॉड की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर शहर में इतनी बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते कैसे बढ़ रहे हैं और उन पर नियमित कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?

बड़ा हादसा होने से पहले चाहिए स्थायी समाधान

स्थानीय रहवासियों का कहना है कि केवल शिकायत मिलने के बाद कुछ कुत्तों को पकडऩा स्थायी समाधान नहीं है। प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों और स्कूलों, कॉलोनियों तथा बाजारों के आसपास नियमित सर्वे, प्रभावी नसबंदी, कुत्तों की निगरानी और आक्रामक कुत्तों को सुरक्षित तरीके से हटाने की व्यवस्था करनी चाहिए।

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