
मैहर। जिले के अमरपाटन, रामनगर क्षेत्र में पहुचे जंगली हाथी को लेकर प्रशासन और वन विभाग की टीम सम्भावित जगहों पर रात जगा कर रही है.बीती रात फिर हाथी का रुख रिहायसी बस्ती की ओर रहा.जिला वनमण्डल अधिकारी विद्याभूषण मिश्रा ने जानकारी दी कि वनमण्डल मैहर अंतर्गत परिक्षेत्र अमरपाटन के बीट गोरसरी के कक्ष क्रमांक 605 में नर हाथी ई-5 का समुचित अनुश्रवण, क्षेत्र संचालक बांधवगढ टाईगर रिजर्व उमरिया, उप संचालक बांधवगढ टाईगर रिजर्वे उमरिया, वन संरक्षक वन वृत्त रीवा, वनमण्डलाधिकारी मैहर एवं वन्यप्राणी चिकित्सकों के दल द्वारा किया गया। एनिमल के व्यवहार एवं विगत 48 घण्टे में घटित घटनाओं का मूल्यांकन किया गया एवं आवश्यक प्रबंधन स्टेण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर अनुसार किये जाने का निर्णय लिया गया। वन विभाग का पूरा अमला हाथियों का समुचित एवं गहन अनुश्रवण कर रहा है आम जनमानस की सुरक्षा के साथ-साथ हाथी की सुरक्षा भी सर्वोच्च प्राथमिकता की विषयवस्तु है। वर्तमान में हाथी विगत 24 घण्टे से अपने प्राकृतिक आवास पर कक्ष क्रमांक 605 में रहा है एवं गतिविधियाँ प्राकृतिक एवं सामान्य प्रेक्षित की गयी हैं, हाथी का व्यवहार एवं विचरण पर विषय विशेषज्ञ दल द्वारा निरंतर रेड़ियो कॉलर से प्राप्त डेटा का विश्लेषण कर किया जा रहा है एवं तदानुसार आवश्यक वांछित प्रबंधकीय कदम क्षेत्र में लिये जा रहे हैं।
हाथियों की समुचित सुरक्षा के लिए आवश्यकतानुसार विद्युत विच्छेदन भी कराया जा रहा है और संभावित प्रभावित ग्रामों में गहन मुनादी का कार्य कराया गया है। नागरिकों को हाथी से सुरक्षात्मक दूरी बनाये रखे जाने के अनुरोध किये गये हैं, वर्तमान में हाथी का विचरण प्राकृतिक वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर में हो रहा है एवं कैमोर श्रेणी के समानांतर जिला रीवा एवं सीधी की ओर हाथी के प्रवास की संभावना भी निर्मित हो रही है। नागरिकों से अनुरोध है कि हाथियों से न्यूनतम सुरक्षात्मक दूरी बनाकर रखें। वन विभाग का पूरा अमला हाथियों के गहन अनुश्रवण में लगा हुआ है एवं आम जनमानस की एवं उनके फसलों की समुचित सुरक्षा विभाग के सर्वोच्च प्राथमिकता की विषयवस्तु है, हाथी द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाये जानें पर राजस्व पुस्तक परिपत्र में उल्लेखित प्रावधानों की परिधि में मुआवजा दिया जाएगा।
