
इंदौर. बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता, त्रुटिरहित बिलिंग, शिकायतों के निराकरण और राजस्व संग्रहण को लेकर पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं. रबी सीजन शुरू होने से पहले अधूरे कामों और शिकायतों के बढ़ते दबाव के बीच बुधवार को कंपनी के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने विभाग प्रमुखों की बैठक लेकर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए.
एमडी ने साफ कहा कि बिजली आपूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इससे संकेत मिलता है कि मैदानी स्तर पर आपूर्ति व्यवस्था और शिकायत निवारण को लेकर कंपनी को लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने अधिकारियों को त्रुटिरहित बिजली बिल जारी करने और समय पर राजस्व संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए. बैठक में रबी सीजन की तैयारियों को लेकर भी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान दिया गया. आरडीएसएस के तहत कई ग्रिड और लाइन से जुड़े कार्य अभी शेष हैं, जिन्हें जल्द पूरा करने को कहा गया. एलटी-एचटी लाइन और ट्रांसफार्मर से जुड़े नए कार्यों के साथ आवश्यक मेंटेनेंस समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.
शिकायतों की रोजाना होगी समीक्षा
1912, सीएम हेल्पलाइन और ऊर्जस पर दर्ज होने वाली शिकायतों के निराकरण को लेकर भी कंपनी ने सख्ती दिखाई है. एमडी ने अधीक्षण यंत्रियों को अपने-अपने सर्कल में शिकायतों के समाधान की दैनिक समीक्षा करने के निर्देश दिए. शिकायतों के त्वरित निराकरण को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया. इसके अलावा रहवासी संघों और जनप्रतिनिधियों को प्रस्तावित नए कार्यों तथा प्लान शटडाउन की जानकारी समय पर देने को कहा गया है. बैठक में मुख्य महाप्रबंधक प्रकाश सिंह चौहान, कार्यपालक निदेशक गजरा मेहता, एसएल करवाड़िया सहित अन्य विभाग प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. रबी सीजन से पहले बिजली कंपनी के सामने अधूरे विकास कार्य, शिकायतों और राजस्व संग्रहण की चुनौतियां बनी हुई हैं. ऐसे में एमडी के सख्त निर्देशों के बाद अब मैदानी अमले की कार्यप्रणाली पर निगाह रहेगी.
