बेंगलुरु, 09 सितंबर (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत चल रही जांच के सिलसिले में कर्नाटक के लोक निर्माण मंत्री सतीश जरकीहोली और उनके सहयोगियों से जुड़े 15 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित विदेशी निवेश और वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत बेंगलुरु, बेलगावी और गोवा में की गई।
छापेमारी के दौरान बेंगलुरु के डॉलर्स कॉलोनी स्थित श्री जरकीहोली के निजी आवास और सरकार की ओर से आवंटित उनके सरकारी आवास के अलावा बेलगावी स्थित उनके आवास तथा उनके परिवार और सहयोगियों से जुड़े अन्य परिसरों की तलाशी ली गयी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ईडी ने बेंगलुरु में पांच, बेलगावी में पांच और गोकाक में तीन ठिकानों पर तलाशी ली। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों के साथ 25 से अधिक अधिकारियों ने सुबह करीब सात बजे कार्रवाई शुरू की।
जांच एजेंसी ने बेंगलुरु में श्री जरकीहोली से जुड़े एक फ्लैट और उनकी पुत्री एवं लोकसभा सदस्य प्रियंका जरकीहोली से जुड़ी संपत्तियों की भी तलाशी ली। अधिकारियों ने श्री जरकीहोली की मौजूदगी में उनके सरकारी आवास के कर्मचारियों से पूछताछ की। बताया जाता है कि ईडी के अधिकारियों को जब यह जानकारी मिली कि श्री जरकीहोली अपने आवास पर मौजूद हैं, तो तलाशी की कार्रवाई शुरू की गयी।
जांच में विदेशी निवेश, धन के हस्तांतरण और संपत्तियों से जुड़े फेमा के प्रावधानों के कथित उल्लंघन पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इनमें दक्षिण अफ्रीका और युगांडा से जुड़े बताए जा रहे लेनदेन भी शामिल हैं।
जांच एजेंसी धन के स्रोत और उसकी प्रकृति का पता लगाने के लिए वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगा रही है कि विदेश से किए गए किसी लेनदेन में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।
श्री जरकीहोली के तीन करीबी सहयोगियों के परिसरों की भी तलाशी ली गयी। इनमें बेलगावी के डॉ. गिरीश सोनवलकर तथा गोकाक के राजू धरागाशेट्टी और विट्ठल परसन्नावर शामिल हैं।
ईडी बेलगावी जोन के आबकारी विभाग के अतिरिक्त आयुक्त और जरकीहोली के रिश्तेदार वाई. मंजूनाथ के वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है। एजेंसी ने जून में आबकारी विभाग में कथित अनियमितताओं की एक अलग जांच के सिलसिले में उनके आवास और अन्य परिसरों की तलाशी ली थी।
पिछली छापेमारी के दौरान अधिकारियों को कथित तौर पर एक डायरी मिली थी, जिसमें वित्तीय लेनदेन का विवरण दर्ज था। मंजूनाथ की गोवा में भी संपत्तियां होने की जानकारी है। एजेंसी कई वर्ष पहले मंजूनाथ की पत्नी के नाम पर कथित तौर पर अफ्रीका में किए गए निवेश से जुड़े दावों की भी जांच कर रही है।श्री जरकीहोली के बेटे राहुल जरकीहोली भी कथित तौर पर एक कारोबारी संस्था में साझेदार हैं। इस संस्था के वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। ईडी की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार के 100 दिन पूरे हो रहे हैं।
बेलगावी से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जरकीहोली राज्य की आंतरिक राजनीतिक चर्चाओं में प्रमुखता से रहे हैं। कुछ वर्गों में उन्हें भविष्य में मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदार के रूप में भी पेश किया जाता रहा है। ईडी की इस कार्रवाई से कर्नाटक में राजनीतिक टकराव बढ़ने की संभावना है। विपक्ष वित्तीय लेनदेन और जांच के दायरे में आए कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा सकता है।
हालांकि, केवल तलाशी और फेमा के तहत चल रही जांच से श्री जरकीहोली या जिन लोगों के परिसरों की तलाशी ली गई है, उनमें से किसी के खिलाफ गलत काम किए जाने की पुष्टि नहीं होती है। एजेंसी की जांच के निष्कर्ष और उसके बाद होने वाली कानूनी कार्रवाई से ही यह तय होगा कि नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। तलाशी की कार्रवाई जारी थी और इस संबंध में आगे की जानकारी की प्रतीक्षा है।
