
पांढुरना, नगर के मध्य से होकर गुजरने वाली जाम नदी के राधा कृष्ण मंदिर क्षेत्र के हिस्से मे आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेले के दौरान इस नदी के दोनों किनारों पर खड़े होकर सैकड़ों लोग एक दूसरे पर आमने-सामने से पत्थरो से हमला कर लहूलुहान करते हैं ।सदियों से विभिन्न किवदंतियों के आधार पर मनाते चला आ रहा यह गोटमार मेला इस वर्ष भी कृषकों के पोला त्यौहार के दूसरे दिन कृष्ण पक्ष के अमावस्या के दिन इस वर्ष भी 11 सितंबर 2026 शुक्रवार को मनाया जाएगा ।
इस मेले की तैयारियों का जायजा लेंने आज बुधवार को जिला कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ गोटमार स्थल के साथ ही घायलो के त्वरित उपचार हेतु लगाए जाने वाले अस्थाई स्वास्थ्य शिविर का औचक निरीक्षण कर विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए, इस दौरान इनके साथ जिला पुलिस अधीक्षक चन्द्रप्रकाश परिहार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मन्कामना प्रसाद,अपर कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर, एसडीएम अलका एक्का, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती पटले आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे । निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं नागरिकों के पहुंचने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात, पेयजल, साफ-सफाई, विद्युत एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं स्थल पर पर्याप्त रूप से उपलब्ध रहें।
कलेक्टर ने विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं एवं पुलिस प्रशासन से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को मेले के दौरान आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था, चिकित्सकीय दल, प्राथमिक उपचार एवं आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं पुलिस प्रशासन को भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन तथा संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सहित आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने जाम नदी पर मेले के लिए चिन्हित स्थल का निरीक्षण करते हुए आयोजन स्थल की भौतिक स्थिति, आवागमन एवं सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मेले से पूर्व सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था एवं नागरिक सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं पर प्रभावी नियंत्रण बना रहे।
