मुंबई, 09 सितंबर (वार्ता) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने कहा है कि गरबा एक राष्ट्रीय उत्सव है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी धर्म या समुदाय का व्यक्ति बिना कोई हंगामा किए शांतिपूर्ण ढंग से उत्सव में शामिल होने आता है, तो इसमें कोई बुराई नहीं है।
चंद्रपुर के महाशिवलिंग मंदिर में आयोजित रुद्राभिषेक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बात करते हुए जब पत्रकारों ने श्रीमती फडणवीस का ध्यान मंत्री नितेश राणे के उस बयान की ओर दिलाया जिसमें विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की तर्ज पर मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक की बात कही गई थी, तो उन्होंने इस पर सीधे टिप्पणी से इनकार करते हुए दोहराया कि गरबा एक समावेशी पर्व है।
नवरात्रि और गरबा आयोजनों में मुस्लिम समुदाय के प्रवेश का श्रीमती फडणवीस के समर्थन किए जाने के बाद राज्य में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उनके इस व्यक्तिगत बयान से तुरंत किनारा करते हुए ‘लव जिहाद’ का हवाला देकर गरबा आयोजनों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश का विरोध करने के अपने रुख को दोहराया है।
श्रीमती फडणवीस के बयान के तुरंत बाद भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने आधिकारिक रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि गरबा और नवरात्रि केवल हिंदू धार्मिक त्योहार हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से ‘लव जिहाद’ जैसी गतिविधियों के जरिए हिंदू बहनों-बेटियों को निशाना बनाने के मामले सामने आए हैं, जिसका विरोध करना और ऐसे तत्वों को आयोजनों से दूर रखना पार्टी की प्रतिबद्धता है।
इस बीच, विपक्षी नेताओं ने इस विरोधाभास पर सत्ताधारी दल को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि श्रीमती फडणवीस का विचार सकारात्मक है, लेकिन यदि वे अपने पति मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से कहकर सांप्रदायिक बयानबाजी करने वाले मंत्री नितेश राणे को मंत्रिमंडल से हटवाएं, तो उनकी बातों का वास्तविक औचित्य साबित होगा।
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने श्रीमती फडणवीस के बयान का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें अपने पति को फर्जी और कट्टरपंथ फैलाने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की सलाह देनी चाहिए, क्योंकि महाराष्ट्र और देश के निर्माण में सभी जातियों और धर्मों के लोगों का अमूल्य योगदान रहा है।
