नई दिल्ली, मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर माह के दौरान पूरे देश में मानसूनी बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है, जिससे पूर्वी और पश्चिमी भारत के कई हिस्से खासे प्रभावित हो सकते हैं। आंकड़ों के अनुसार मेघालय में 58%, आंध्र प्रदेश में 45%, मणिपुर में 41%, पंजाब में 37% और बिहार में 35% तक वर्षा की कमी दर्ज की गई है, जिससे कृषि क्षेत्रों और जल स्रोतों पर विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बाढ़ का खतरा, नेपाल से आ रहा अतिरिक्त पानी
एक तरफ जहां देश के कई इलाके सूखे की मार झेल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नेपाल और हिमालयी क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के निचले इलाकों में बाढ़ का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। गंगा नदी की ओर बढ़ रहे जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है, जबकि मौसम विभाग ने अगले तीन-चार दिनों के दौरान इन क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी दी है।
विभिन्न राज्यों में मौसम का मिला-जुला मिजाज, प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट
क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में मौसम मुख्यतः सूखा बना रहेगा, जबकि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वी राज्यों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। केरल और माहे जैसे दक्षिण भारतीय क्षेत्रों में आगामी 9 सितंबर तक गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को पूरी तरह से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

