दोहा, 08 सितंबर (स्पुतनिक/वार्ता) कतर और मध्य पूर्व के अन्य मध्यस्थ देश ईरान और अमेरिका के बीच एक समझौते की तैयारी कर रहे हैं, ताकि “जब भी दबाव बनाने या मोल-भाव की ज़रूरत हो, तो वे तैयार रहें।” कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने यह जानकारी दी।
प्रवक्ता ने सोमवार को प्रसारक सीएनएन को बताया, “हम इसी पर काम कर रहे हैं। यह सुनिश्चित करना कि ज़रूरी तत्व मौजूद हों और हम दबाव बनाने की ज़रूरत पड़ने से पहले ही इन तत्वों को सामने ला सकें।” उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले दबाव बनाने या मोल-भाव की क्षमता का असर आखिरकार समझौते की शर्तों में दिखेगा।
अल-अंसारी ने उन लोगों की भी आलोचना की जो मानते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य में मौजूदा स्थिति ‘नई सामान्य स्थिति’ बन सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस जलमार्ग के बंद होने से होने वाले सभी नकारात्मक प्रभाव “बहुत जल्द आपके दरवाज़े तक पहुँचेंगे।” अमेरिका और इज़रायल ने 28 फरवरी को ईरान में ठिकानों पर हमले शुरू किए, जिसके जवाब में ईरानी पक्ष ने भी हमले किए। जून के मध्य में तेहरान और वाशिंगटन ने दुश्मनी खत्म करने के मकसद से एक समझौते (मेमोरेंडम) पर हस्ताक्षर किए, लेकिन उसके कुछ ही समय बाद, उन्होंने फिर से एक-दूसरे पर हमले किए।
