नई दिल्ली, दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को हुए बहुमंजिला बिल्डिंग हादसे के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है कि 40-50 साल पुरानी इस इमारत में पीजी हॉस्टल चल रहा था। साथ ही, आम आदमी पार्टी और विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि जब दिल्ली में लंबे समय तक अरविंद घोष या उनकी पार्टी की सरकार थी, तब उन्होंने इस तरह की पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा जांच क्यों नहीं करवाई।
मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी, एम्स ने की छह लोगों की पुष्टि
राजधानी के साउथ कैंपस थाना क्षेत्र में घटी इस खौफनाक घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए इमारत के मालिक हरिराम बंसल और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने आरोपी मालिक की धरपकड़ के लिए लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया है और गुरुग्राम समेत कई ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। दूसरी ओर, दिल्ली एम्स ने आधिकारिक रूप से इस हादसे में 6 लोगों की मौत की पुष्टि कर दी है, जिससे पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
राहुल गांधी के बयानों और हुमायूं कबीर पर हुए हमले के मामले में भी किया तीखा पलटवार
इस दौरान दिलीप घोष ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों पर भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष केवल राजनीति करना जानता है जबकि उनके पास जमीनी समस्याओं का कोई जवाब नहीं होता है। इसके अलावा, हुमायूं कबीर पर हुए हमले के सवाल पर बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाओं के लिए किसी अन्य पार्टी पर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय लोगों को अपने पुराने कृत्यों और इतिहास पर झांककर देखना चाहिए।

