
इंदौर। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार रविवार को इंदौर पहुंचे। उन्होंने लक्ष्मीबाई नगर और इंदौर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर विकास कार्यों और यात्री सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सिंहस्थ की तैयारियों, नई ट्रेनों, शास्त्री ब्रिज, इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना और स्टेशनों की व्यवस्थाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी।
सिंहस्थ में चलेंगी 125 तक ट्रेनें, छह स्टेशन होंगे तैयार
सतीश कुमार ने कहा कि सिंहस्थ को देखते हुए रेलवे बड़े स्तर पर तैयारियां कर रहा है। उज्जैन के आस पास छह स्टेशनों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं बढ़ाई जा रही हैं। सिंहस्थ के दौरान देश के अलग-अलग शहरों से करीब 100 से 125 ट्रेनें चलाने की योजना है। स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने के साथ ट्रेनों की स्टेबलिंग और परिचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।
लक्ष्मीबाई नगर से चलेंगी सिंहस्थ की कई ट्रेनें
रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन को तेजी से विकसित किया जा रहा है। यहां से सिंहस्थ के दौरान कई ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। उज्जैन से इंदौर के बीच आने वाले अन्य स्टेशनों पर भी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी, ताकि अधिक संख्या में ट्रेनों का संचालन संभव हो सके।
इंदौर को मिलेगी मेमू, सिंहस्थ से पहले उम्मीद
इंदौर से ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के सवाल पर सतीश कुमार ने कहा कि रेलवे इस दिशा में लगातार काम कर रहा है। इंदौर को मेमू ट्रेन भी दी जाएगी। मेमू रेक का निर्माण तेजी से चल रहा है और सिंहस्थ से पहले इंदौर को मेमू ट्रेन उपलब्ध कराने का प्रयास है। पिट लाइन और लाइन क्षमता से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए अधिकारियों के साथ चर्चा की गई है।
इंदौर-मनमाड़ प्रोजेक्ट पांच साल में होगा पूरा
इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना को लेकर उन्होंने कहा कि इसे करीब पांच वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है। फिलहाल भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण एक लंबी प्रक्रिया है, जिसमें करीब एक से डेढ़ वर्ष लग सकता है। परियोजना पूरी होने के बाद मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी और दूरी कम होगी।
शास्त्री ब्रिज के विकल्प पर भी होगी जांच
शास्त्री ब्रिज के चौड़ीकरण को लेकर सतीश कुमार ने कहा कि यह इंदौर के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है। चौड़ीकरण से यातायात की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। साथ ही ब्रिज निर्माण के दौरान वैकल्पिक मार्ग और नए एलाइनमेंट के सुझावों की भी जांच की जाएगी।
गंदगी देख नाराज हुए चेयरमैन
निरीक्षण के दौरान रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ऑटो रिक्शा खड़े होने वाले स्थान पर भी पहुंचे। यहां जमीन पर कई जगह पीक के निशान, गंदगी और आसपास उगी गाजर घास देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल सफाई कराने और परिसर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
जल्द पूरी होंगी रेल परियोजनाएं
सतीश कुमार ने कहा कि इंदौर और आसपास चल रही रेल परियोजनाओं की समीक्षा की गई है। परियोजनाओं को गति देने के साथ उन्हें जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उनका कहना था कि रेलवे का लक्ष्य इंदौरवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी, अधिक ट्रेनें और बेहतर यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
