
नयी दिल्ली, 06 सितंबर (वार्ता) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को श्रीलंका की तीन दिवसीय यात्रा पर जाएंगे जहां वह द्विपक्षीय संबंधों और रक्षा सहयोग पर चर्चा करेंगे।
यात्रा के दौरान वह श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के साथ विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे और कोलंबो में भारतीय प्रवासियों से भी संवाद करेंगे। उनके साथ रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी जाएगा।
भारत और श्रीलंका के बीच गहरे सभ्यतागत संबंध और बहुआयामी साझेदारी है। दोनों देशों के संबंध क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा, आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग और मजबूत जन-से-जन संबंधों पर आधारित हैं।
श्रीलंका में आर्थिक संकट के दौरान भारत ने सहायता प्रदान की थी। इसके अलावा पिछले वर्ष श्रीलंका में चक्रवात डिटवाह के बाद भारत ने शुरुआती मदद देने वाले देशों में शामिल होकर सहायता उपलब्ध कराई थी। इन प्रयासों ने पड़ोसी देशों को प्राथमिकता देने वाली भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘महासागर ‘ दृष्टिकोण के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
रक्षा मंत्री की श्रीलंका यात्रा से दोनों देशों के पारंपरिक रूप से मजबूत और मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। यात्रा के दौरान आपसी हित के क्षेत्रों, विशेषकर मजबूत समुद्री और रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।
