
जकार्ता, 06 सितंबर (वार्ता) इंडोनेशिया के माउंट अनाक क्राकाटोआ द्वीप में विस्फोट से उत्पन्न व्यवधानों के कारण रविवार तड़के से टैंगेरंग, बैंटेन में सुकर्णो-हट्टा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 209 निर्धारित उड़ानें रद्द कीं गई हैं।सोएकर्नो-हट्टा के संचार एवं कानूनी मामलों के सहायक उप-निदेशक युदिस्तियावान ने कहा कि रद्द किए जाने की घटनाएं आज सुबह 1:30 बजे से 9:30 बजे के बीच हुईं। उन्होंने बताया कि रद्द की गई 209 उड़ानों में 160 घरेलू उड़ानें, 39 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें और 10 कार्गो उड़ानें शामिल थीं।
श्री युदिस्तियावान ने कहा कि हवाई अड्डा प्रबंधन ज्वालामुखी की राख की बदलती स्थिति और विमानन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए धीरे-धीरे परिचालन को फिर से शुरू करने के उपाय लागू करेगा। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डा इस व्यवधान के दौरान कामकाज एवं यात्रियों की सेवाओं को संभालने के लिए संबंधित पक्षों के साथ तालमेल बिठा रहा है।
सोएकार्नो-हट्टा ने सेवा पुनर्प्राप्ति के उपाय लागू किए हैं, जिनमें उड़ानें रद्द होने से प्रभावित यात्रियों को खाना और हल्का नाश्ता देना शामिल है। हवाई अड्डा प्रशासन ने सहायता सुविधाएं भी तैयार की हैं जिनमें अस्थायी बंद के दौरान जमीनी संचालन के समन्वय एवं प्रबंधन के लिए टर्मिनल 1बी में एक कमांड पोस्ट शामिल है।
हवाई अड्डा प्रबंधन ने टर्मिनल के पट्टेदारों के साथ समन्वय किया है ताकि बंद के दौरान चौबीसों घंटे वाणिज्यिक सेवाएं जारी रहें और यात्रियों की आवश्यक जरूरतें पूरी हों। परिवहन मंत्री डूडी पुरवागांधी ने कहा कि अनाक क्राकाटाऊ ज्वालामुखी की राख से प्रभावित छह हवाई अड्डों को बंद रखने का समय चार घंटे और बढ़ा दिया गया है।
इस विस्तार की घोषणा आज दोपहर करीब एक बजे से हुई एक संवाददाता सम्मेलन में की गई, जिससे स्थानीय समयानुसार शाम करीब पांच बजे तक बंद रहने की स्थिति बनी रह सकती है।परिवहन मंत्री ने कहा कि ताज़ा पेपर-टेस्ट मॉनिटरिंग में हर सुविधा केंद्र पर ज्वालामुखी की राख पाए जाने के बाद छह हवाई अड्डे बंद रहे। प्रभावित हवाई अड्डों में लैम्पुंग में रेडिन इंटेन II, टैंगेरंग में सुकर्णो-हट्टा, जकार्ता में हलीम पेरदानकुसुमा, तांगेरांग में बुडियार्तो और पोंडोक कैब और बांडुंग में हुसैन सस्त्रनेगारा शामिल हैं।
अधिकारियों द्वारा माउंट अनाक क्राकाटोआ से निकलने वाली ज्वालामुखी की राख पर नज़र रखने के साथ-साथ, उड़ान सुरक्षा के लिहाज़ से एहतियात के तौर पर बंद रखने का निर्णय बरकरार रखा गया है।
