सतना : गांव को मुख्य मार्ग से जोडऩे के लिए बनाई गई पीसीसी यानी प्लेन सीमेंट कांक्रीट रोड पहली ही बारिश में बह गई. मुख्य मार्ग बंद होने के कारण हो रही भारी परेशानी के बावजूद भी कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई. लिहाजा ग्रामीणों ने अपने बलबूते पर जुगाड़ करते हुए वहां पर लकड़ी का अस्थायी पुल बना दिया.जिले के मझगवां जनपद मुख्यालय के ग्राम पंचायत भट्टन टोला में गांव को मुख्य मार्ग से जोडऩे के लिए पीसीसी रोड बनाई गई थी. बनाई गई सडक़ के निर्माण की गुणवत्ता पर ग्रामीणों द्वारा सवाल खड़े किए गए तो 2024-25 में इसका निर्माण दोबारा कराया गया.
हलांकि सडक़ बनने से ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से संपर्क सुलभ हो गया. लेकिन एक स्थान पर अक्सर पानी आकर रुकने के कारण ग्रामीणों द्वारा वहां पर जल निकासी की व्यवस्था बनाए जाने की मांग की जा रही थी. लेकिन क्रॉस ड्रैनेज की व्यवस्था किए बिना बनाई गई सडक़ पंचायत विभाग के जिम्मेदार सही ठहराते नजर आए. जिसका नतीजा यह हुआ कि उक्त सडक़ पहली बारिश भी नहीं झेल पाई और पानी के दबाव में पीसीसी रोड का लगभग 6 फीट से अधिक लंबाई का हिस्सा पानी में बह गया.
इस घटना के चलते जहां गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया और ग्रामीण भारी परेशानी से घिर गए. जिसे देख ग्रामीणों द्वारा सरपंच पति और पंचायत सचिव से गुहार लगाई. दोनों ने स्थल निरीक्षण भी किया, लेकिन कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई. जिसे देखते हुए ग्रामीणों ने स्वयं मोर्चा संभाला और लकड़ी और पट्टे पर कील ठोंककर और उसे रस्सी से बांधते हुए एक अस्थायी पुल तैयार कर दिया. जिसकी वजह से जहां महिलाओं को आने-जाने में राहत मिली वहीं बच्चे भी विद्यालय पहुंचने लगे.
गोद में उठाकर लाया गया मरीज
ग्राम पंचायत भट्टन टोला का मुख्य संपर्क मार्ग टूट जाने का खामियाजा ग्रामीणों को 27 अगस्त को उस वक्त उठाना पड़ा था. जब एक महिला का पैर टूट गया था. एंबुलेंस के गांव में नहीं पहुंच पाने के कारण परिजन महिला को गोद में उठाकर एंबुलेंस तक लेकर पहुंचे थे. इतना ही नहीं बल्कि अतिवृष्टि से गिरे घरों का सर्वे करने के लिए मझगवां हल्का पटवारी को भी अपनी बाइक बीच रास्ते में छोडक़र बहते पानी से गुजरने को मजबूर होना पड़ा था
