इंदौर: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद शहर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही. राजबाड़ा से प्रमुख मंदिरों और मटकी फोड़ आयोजनों तक 700 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहे. पूरे आयोजन के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई.राजबाड़ा स्थित बांके बिहारी, श्री गोपाल, यशोदा माता और महालक्ष्मी मंदिर के साथ विजय नगर के इस्कॉन मंदिर में विशेष सुरक्षा व्यवस्था रही.
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था संभालने के लिए 400 से ज्यादा यातायात पुलिसकर्मी तैनात रहे. राजबाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में सादे कपड़ों में पुलिस की दो विशेष टीमें भी निगरानी करती रहीं. प्रत्येक टीम में 12 पुलिसकर्मी शामिल थे. इनकी नजर असामाजिक तत्वों और चेन स्नेचरों पर रही. महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिए विशेष महिला पुलिस बल भी तैनात किया था. सुरक्षा व्यवस्था में नगर सुरक्षा समिति और मंदिर समितियों के 400 से 500 स्वयंसेवकों ने भी पुलिस का सहयोग किया. मंदिरों और आयोजन स्थलों पर भीड़ को नियंत्रित करने के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारू रखने पर विशेष ध्यान दिया.
अब गोगा नवमी और शोभायात्राओं को लेकर की जाएगी तैयारी
अब गोगा नवमी और शोभायात्राओं को देखते हुए पुलिस ने यातायात व्यवस्था में बदलाव की तैयारी की है. आयोजनों के मार्ग और भीड़ के अनुसार अलग यातायात व्यवस्था लागू की जाएगी. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, राजेश कुमार सिंह ने नव भारत को बताया कि जन्माष्टमी के दौरान प्रमुख मंदिरों और भीड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी रही. पुलिस बल, यातायात पुलिस, महिला पुलिस और स्वयंसेवकों के समन्वय से व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की गईं. आगामी आयोजनों को देखते हुए आवश्यकतानुसार सुरक्षा और यातायात व्यवस्था लागू की जाएगी
