
नयी दिल्ली, 05 सितंबर (वार्ता) इंडियन फाउंडेशन फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट (आईएफक्यूएम) के तत्वावधान में प्रमुख उद्योगों में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के समग्र पहलुओं पर चर्चा के लिए राजधानी में शनिवार को शुरू हो रहे दो दिन के परिचर्चा कार्याक्रम में देश-विदेश से इसमें 300 से अधिक मुख्य अधिशासी अधिकारी, अनुभव अधिकारी, लघु एवं मझोले उद्यमों के प्रतिनिधि शिक्षाविद् और विद्यार्थी भाग लेंगे। आईएफक्यूएम के संगोष्ठी के इस तीसरे संस्करण में 25 से अधिक सत्र होंगे जिनमें ऑटोमोटिव, इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, लेदर और मैन्युफैक्चरिंग में एआई जैसे क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी।
आयोजकों की ओर से दी गयी जानकारी के अनुसार इस बार की परिचर्चा का मुख्य विषय है- “क्वालिटी, इनोवेशन और एक्सीलेंस – बी द फोर्स मल्टीप्लायर” (गुणक प्रभाव के लिए गुणवत्ता, नवाचार और उत्कृष्टता की शक्ति)। आमंत्रित वक्ताओं में टाटा संस के एन. चंद्रशेखरन , सन फार्मास्युटिकल्स दिलीप सांघवी , बायोकॉन ग्रुप की डॉ. किरण मजूमदार-शॉ , एलएंडटी के एस.एन. सुब्रह्मण्यन, टाटा स्टील के टी.वी. नरेंद्रन, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के डॉ. रणधीर ठाकुर, टीवीएस मोटर कंपनी के के.एन. राधाकृष्णन , बोइंग इंडिया एंड साउथ एशिया सलील गुप्ते , ग्लेनमार्क के ग्लेन सालदान्हा और बैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के हरि मारार जैसे नाम शामिल हैं।
संगोष्ठी में ईउईसुंग (अर्नी) किम (हुंडई मोटर ग्रुप), डॉ. मासाहिको मोरी (एमओआरआई), स्टीफन ग्रोश ( रोबर्ट बॉश), युगो मियामोटो (काइज़ेन सऊदी अरब), अकिनोरी ओनोदेरा (जेवी कोमात्सु ग्रुप) और फ्रैक सेरेन (चीन मामलों के विशेषज्ञ, लेखक एवं पत्रकार) भी अलग-अलग विषयों पर आयोजित सत्रों में भाग लेंगे।
