
रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि एयर इंडिया की उड़ान संख्या एआई 2379 में उस दिन पहले ग्रीन हाइड्रोलिक सिस्टम विफल हुआ था। उसके बाद ब्लू हाइड्रोलिक सिस्टम और येलो हाइड्रोलिक सिस्टम भी विफल हो गया था। तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम के फेल होने के बाद विमान का ऑटो पायलट अपने आप बंद हो गया। इसके बाद को-पायलट ने विमान को नियंत्रित करने का प्रयास किया लेकिन तभी मुख्य पायलट ने बीच में नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया।
इस दौरान विमान पहले 372 फुट ऊपर गया और फिर 292 फुट नीचे आया। एएआईबी ने विमान की जांच में पाया कि केबिन के अंदर काफी क्षति हुई है। कई सीटों के हैंड रेस्ट, ऊपर सामान रखने वाले केबिन, शौचालय कबोड और ऊपर की सीलिंग को नुकसान हुआ था। उल्लेखनीय है कि इस घटना में केबिन क्रू समेत 24 लोग घायल हो गये थे। विमान के दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरने के बाद यात्रियों को चिकित्सा सहायता मुहैया कराई गई थी। विमान में 137 यात्री और चालक दल के आठ सदस्य मौजूद थे। यात्रियों में तीन शिशु भी थे। घायल 24 यात्रियों में से 20 को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी जबकि चार लोगों को गंभीर चोट होने के कारण ज्यादा समय तक अस्पताल में रखा गया था। एएआईबी ने कहा है कि मामले की अभी और जांच जारी है।
