भोपाल। अपराधों की विवेचना को आधुनिक, वैज्ञानिक और पुख्ता साक्ष्य आधारित बनाने की दिशा में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय फॉरेंसिक, वैज्ञानिक एवं डिजिटल विवेचना प्रशिक्षण कार्यशाला का गुरुवार को पुलिस मुख्यालय, भोपाल में सफलतापूर्वक समापन हुआ।
कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपराधों की वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संकलन तथा उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
सीआईडी के विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि अपराधों की बढ़ती जटिलता को देखते हुए विवेचना में वैज्ञानिक तरीकों और आधुनिक तकनीक का अधिकाधिक उपयोग आवश्यक है। उन्होंने विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आधुनिक उपकरणों के व्यावहारिक उपयोग पर जोर देते हुए विशेषज्ञों की अनुपस्थिति में भी विवेचना को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के संबंध में मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने डीएनए एवं डिजिटल साक्ष्य संकलन पर संवादात्मक सत्र भी लिए और प्रशिक्षुओं से अपनी व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने का आह्वान किया, ताकि पीड़ितों को त्वरित एवं सटीक न्याय मिल सके।
उप पुलिस अधीक्षक (फोटोग्राफी) अमिताभ तिवारी और निरीक्षक जाम सिंह ने घटनास्थल फोटोग्राफी के वैज्ञानिक पहलुओं की जानकारी दी। प्रशिक्षण में वीडियो रिकॉर्डिंग, शव, हथियार, रक्त के धब्बों और पैरों के निशानों का फोटोग्राफिक दस्तावेजीकरण, चेन ऑफ कस्टडी, जियो-लोकेशन तथा डिजिटल साक्ष्यों के न्यायालयीन प्रमाणीकरण जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
समापन कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, विषय विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षु उपस्थित रहे।
