ताइवान, चीन द्वारा सीमा पर सख्त नियम लागू करने के फैसले के बाद ताइवान ने अपने नागरिकों को सुरक्षा खतरों की चेतावनी देते हुए यात्रा पंजीकरण कराने और पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है।
चीन की ओर से सीमा पर नए कड़े नियम लागू किए जाने की घोषणा के बाद ताइवान सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। ताइवान के पर्यटन प्रशासन ने अपनी सभी ट्रैवल एजेंसियों को आदेश दिया है कि वे चीन जाने वाले समूहों के लिए सुरक्षा उपाय बढ़ाएं। अधिकारियों ने कमजोर श्रेणी के नागरिकों को चीन की अनावश्यक यात्रा न करने और जाने से पहले सरकारी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की सलाह दी है। 15 सितंबर से लागू होने वाले इन नए नियमों से ताइवानी पर्यटकों की व्यक्तिगत सुरक्षा और अधिकारों पर बड़ा खतरा मंडरा सकता है।
यात्रा एजेंसियों के लिए नए कड़े निर्देश
ताइवान के पर्यटन प्रशासन ने सभी घरेलू ट्रैवल एजेंसियों के लिए एक नया और अनिवार्य चेकलिस्ट नियम लागू कर दिया है। इसके तहत एजेंसियों को हर टूरिस्ट ग्रुप की रवानगी से पहले एक विशेष चेकलिस्ट पूरी करनी होगी। इस नई प्रणाली का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों की सुरक्षा को बढ़ाना और आपातकालीन स्थितियों में तुरंत सरकारी मदद पहुंचाना है।
यह कड़ा नियम चीन जाने वाले स्टडी टूर, एक्सचेंज प्रोग्राम और खुद से आयोजित ग्रुप ट्रिप्स पर पूरी तरह लागू रहेगा। एजेंसियों को यात्रियों को चीन जाने से जुड़े सभी संभावित व्यक्तिगत सुरक्षा खतरों के बारे में विस्तार से बताना होगा।
इसके साथ ही सभी ट्रैवल एजेंसियों को सरकारी ‘चीन, हांगकांग और मकाऊ यात्रा पंजीकरण प्रणाली’ पर पर्यटकों का रजिस्ट्रेशन पूरा करने में सक्रिय रूप से मदद करनी होगी, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।
मुख्य भूमि मामलों की परिषद की गंभीर चेतावनी
ताइवान की मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल (Mainland Affairs Council) ने अपने नागरिकों को सख्त चेतावनी दी है कि चीन के नए नियमों से उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को काफी गंभीर खतरा हो सकता है। इसीलिए संवेदनशील पृष्ठभूमि वाले सभी लोगों और सरकारी कर्मचारियों को वहां की अपनी अनावश्यक यात्रा टालने या पूरी तरह से स्थगित करने की सलाह दी गई है।
काउंसिल ने पर्यटकों को अपनी यात्रा योजनाओं को सरकारी रजिस्ट्रेशन सिस्टम में दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया है। सरकारी अधिकारियों का मानना है कि इस रजिस्ट्रेशन से आपातकाल में नागरिकों को तेजी से सहायता प्रदान की जा सकेगी।
सुरक्षा एजेंसियों ने ट्रैवल एजेंसियों को सख्त हिदायत दी है कि वे चीन से जुड़ी सभी यात्रा सेवाओं और पर्यटकों के आंकड़ों की सांख्यिकीय जानकारी सरकारी विभागों के साथ साझा करें और प्रशासन का पूरा सहयोग करें।
ताइवान और चीन का पुराना ऐतिहासिक विवाद
चीन और ताइवान के बीच का यह कड़ा गतिरोध कोई नया नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई सदियों पुराने ऐतिहासिक, कानूनी और गहरे राजनीतिक कारण छिपे हुए हैं। बीजिंग लंबे समय से ताइवान पर अपना संप्रभु अधिकार जताता रहा है।
चीन का मानना है कि ताइवान उसका एक अविभाज्य अंग है, जिसे वह अपनी राष्ट्रीय नीति के तहत देखता है। चीन का यह दावा 1683 में मिंग वफादार कोक्सिंगा को हराने के बाद किंग राजवंश के कब्जे से जुड़ा है।
दूसरी ओर, ताइवान खुद को एक स्वतंत्र देश के रूप में देखता है, जिसकी अपनी चुनी हुई सरकार, मजबूत सेना और स्वतंत्र अर्थव्यवस्था है। यह पूरा विवाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संप्रभुता के सिद्धांतों की गंभीर परीक्षा लेता है।
