
खेतिया/बड़वानी। एसपी पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन तथा एएसपी धीरज बब्बर, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस राजपुर बीएल अटोदे एवं एफएसएल अधिकारी सुनील मकवाना के मार्गदर्शन में मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की गिरफ्तारी हेतु विशेष पुलिस टीम गठित की गई।
घटना का विवरण
31.08.2026 को थाना खेतिया पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम बांदरियावड़ निवासी उदयसिंग मोरे का उसी दिन सुबह करीब 9 बजे अंतिम संस्कार कर दिया गया है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम तत्काल ग्राम बांदरियावड़ पहुंची तथा मृतक की पत्नी द्वारकीबाई एवं उसके बच्चों से पुछताछ की।
प्रारंभिक पुछताछ में परिजनों द्वारा किसी घटना से इनकार किया गया। घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान लोहे की चद्दर पर खून के धब्बे पाए गए, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। पुलिस द्वारा पुन: मृतक के परिजनों से पुछताछ करने पर उन्होंने बताया कि मृतक लोहे की चद्दर पर गिर गया था तथा चद्दर का किनारा गले में लगने से उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस द्वारा मृतक की पत्नी एवं उसके दोनों बच्चों को थाना लाकर गहनता से पुछताछ की गई। पुछताछ के दौरान मृतक की पत्नी द्वारकीबाई ने बताया कि उसका पति लंबे समय से उसके चरित्र पर शंका करता था तथा आए दिन विवाद करता था। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच चरित्र शंका को लेकर विवाद हुआ था तथा दोनों ने शराब का सेवन किया था। विवाद के दौरान द्वारकीबाई ने पास में रखी कुल्हाड़ी से अपने पति के गले पर वार कर दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
घटना के बाद आरोपी महिला ने परिजनों को मृतक की मृत्यु लोहे की चद्दर पर गिरने से होना बताया, ताकि घटना को हादसे का रूप दिया जा सके। पुलिस की तत्परता एवं गहन पुछताछ से मामले का खुलासा हुआ। प्रकरण में मृतक के विकलांग पुत्र जौकीलाल की ओर से प्रथम सूचना दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई।
इस संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सुखलाल भंवर, उनि अजमेर सिंह अलावा, उनि राजेश गुप्ता, प्रआर विजय भवेल, आर सुनील मुवेल, आर पवन रावताले, मआर दुर्गा नार्वे एवं चालक आर धनसिंह जर्मन का सराहनीय योगदान रहा।
पुलिस की कार्रवाई
थाना प्रभारी खेतिया सुखलाल भंवर के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम द्वारा मुखबिर तंत्र एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला द्वारकीबाई को 24 घंटे में गिरफ्तार किया गया। आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उसे केंद्रीय जेल बड़वानी में न्यायिक निरोध में भेजा गया।
