मुख्यमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत जोबट विधानसभा को मिली बड़ी सौगात

आलीराजपुर। मुख्यमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत जोबट विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्यों को बड़ी सौगात मिली है। जोबट विधायक सेना महेश पटेल के प्रयासों से विधानसभा क्षेत्र में 10 महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों को तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों के लिए कुल ₹1,109.35 लाख यानी लगभग ₹11.09 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है। स्वीकृत कार्यों के अंतर्गत कुल 12.075 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

इन सड़क निर्माण कार्यों को मिली स्वीकृति

1. अमखुट-तड़वी फलिया मेन रोड से चौकीदार फलिया तक — 2.80 किमी — ₹262.77 लाख

2. झिरन मेन रोड से पुजारा फलिया — 0.75 किमी — ₹70.28 लाख

3. बरझर-गगेड़ी रोड — 0.90 किमी — ₹78.14 लाख

4. काठीवाड़ा मेन रोड से तड़वी फलिया — 1.50 किमी — ₹132.95 लाख

5. डुंगरगांव से डूंगर फलिया — 1.375 किमी — ₹123.57 लाख

6. तातिआम्बा से चौकीदार फलिया — 0.80 किमी — ₹76.32 लाख

7. झिरन से छारछाटा फलिया — 0.95 किमी — ₹73.79 लाख

8. उम्दा-पुजारा फलिया-2 से उम्दा रोड — 0.67 किमी — ₹73.10 लाख

9. उम्दा-पुजारा फलिया रोड, उम्दा — 1.20 किमी — ₹115.84 लाख

10. बरझर-गंगेडी रोड से नीनामा सोहनकुंड फलिया सहित अन्य सड़क निर्माण कार्य — ₹110.95 लाख

विधायक सेना महेश पटेल ने कहा

विधायक सेना महेश पटेल ने कहा कि, “जोबट विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना मेरी प्राथमिकता है। सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं हैं, बल्कि गांवों के विकास की बुनियाद हैं। जिन क्षेत्रों में लंबे समय से सड़क निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, वहां इन कार्यों को स्वीकृति दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं।”

उन्होंने कहा कि, “इन सड़क निर्माण कार्यों से ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। हमारा प्रयास है कि जोबट विधानसभा के प्रत्येक गांव और फलिया तक बेहतर सड़क कनेक्टिविटी पहुंचे। क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार आगे भी सड़क एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।”

कुल 10 सड़क निर्माण कार्य, 12.075 किलोमीटर सड़क और ₹11.09 करोड़ की स्वीकृति जोबट विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इन कार्यों के पूरा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा और स्थानीय लोगों को बेहतर सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा।

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