
इंदौर. बुधवार को आज सुप्रीम कोर्ट सड़क सुरक्षा समिति अध्यक्ष जस्टिस सप्रे ने यातायात व्यवस्था को लेकर बैठक ली. बैठक में उन्होंने पिछले पांच सालों की यातायात दुर्घटनाओं के आंकड़ों की समीक्षा की. समीक्षा के दौरान विभिन्न विभाग प्रमुखों से सवाल जवाब करते हुए सड़कों पर गड्ढे, ब्लैक स्पॉट, हेलमेट, सीट बेल्ट, यातायात संचालन और विकास की जानकारी ली.
आज सिटी बस ऑफिस में सुप्रीम कोर्ट सड़क सुरक्षा समिति अध्यक्ष जस्टिस अभय मनोहर सप्रे ने यातायात व्यवस्था और समस्या , दुर्घटनाओं की समीक्षा की. समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि आप लोगों की जिम्मेदारी बढ़ गई, क्योंकि इंदौर को शून्य दुर्घटना वाले शहरों की सूची में शामिल किया गया है. उन्होंने पिछले पांच सालों में यातायात दुर्घटनाओं के आंकड़ों पर संतोष व्यक्त कर कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट के लिए मुहिम चलाई जाए. स्कूल, कॉलेजों और सरकारी दफ्तरों में भी हेलमेट को लेकर सख्ती करें. शहर में लाइसेंस, बीमा और नंबर प्लेट को लेकर चालानी कारवाई बढ़ाने पर जोर दिया. बैठक में पीडब्ल्यूडी और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों को लताड़ भी लगाई. खासकर मानपुर घाट में दुर्घटना में मौत के आंकड़ों को लेकर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि सड़क पर विज्ञापन बोर्ड की जगह संकेतक बड़े और हिंदी अग्रेजी में दोनों भाषा में लिखे होना चाहिए. उन्होंने विज्ञापन बोर्ड छोटे करने की सलाह भी दी. नगर निगम आयुक्त को स्पष्ट कहा कि सड़कों पर एक भी गड्ढा नहीं होना चाहिए. सड़कों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई निरंतर हो ताकि दुर्घटना में मौत नहीं हो. साथ ही शहर में नो इंट्री में वाहनों के प्रवेश पर सख्ती बरती जाए. स्कूल कॉलेजों में लाइसेंस के शिविर लगाने के अधिकारियों को निर्देश दिए.
गाड़ी बीमा नहीं, पेट्रोल नहीं
सुप्रीम कोर्ट सड़क सुरक्षा समिति अध्यक्ष जस्टिस अभय मनोहर सप्रे ने आज गाड़ियों के बीमा नहीं होने के आंकड़े की जानकारी देते हुए कहा कि नो बीमा, नो पेट्रोल वाली योजना बनाने पर विचार करें. आज देश में आधी गाड़ियों का बीमा नहीं है. साथ ही ऐसी व्यवस्था करें कि मौके पर ही गाड़ी का बीमा हो जाए.
लाइसेंस, बीमा और नंबर प्लेट पर सख्ती करें
सुप्रीम कोर्ट सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में आरटीओ को लगातार लाइसेंस, बीमा और नंबर प्लेट के खिलाफ कार्रवाई करने का कहा गया. शहर में 75 हजार गाड़ियां बिना नंबर प्लेट चलने के आंकड़े पर जस्टिस सप्रे ने आरटीओ से उक्त बात कही.
हैलमेट और सीट बेल्ट पर विशेष जोर
बैठक में विभिन्न तरह की दुर्घटनाओं के वीडियो के मध्य से मौजूद अधिकारियों और नागरिकों को हेलमेट के फायदे और नहीं पहनने पर मौत जैसी त्रासदी होने की जानकारी दी गई. टाटा के साइप्रस मिस्त्री की मौत का हवाला देकर बताया कि उन्होंने कार सीट बेल्ट नहीं बांधा था और ड्राइवर ने बांध कर रखा था, इसलिए बच गया और मिस्त्री की मौत हुई. उन्होंने कार सीट बेल्ट बांधकर सफर करने को सुरक्षित बताया.
सरकारी दफ्तरों में हेलमेट नहीं लगाने पर सीआर खराब कर दें
जस्टिस सप्रे ने कहा कि सभी अधिकारी ऑफिस में सीसीटीवी लगाकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा हेलमेट पहनकर नहीं आने पर सीआर खराब करने की कार्रवाई करने से नहीं चुके । साथ ही जो कर्मचारी नियमों का पालन करे, उनका सम्मान भी करने के लिए कहा है। हेलमेट पहनने की रोज सीसीटीवी कैमरे में जांच करें।
स्कूल कॉलेजों में विशेष मुहिम चलाई जाए
जस्टिस सप्रे ने आर्ट्स एंड कॉमर्स प्राचार्य से कॉलेज में छात्रों की संख्या पूछी. 9 हजार छात्र का आंकड़ा सुनते ही जस्टिस सप्रे ने आरटीओ से कहा कि छात्र छात्राओं के लाइसेंस और अच्छे हेलमेट की व्यवस्था कर इसके लिए हर महीने दो महीने में शिविर लगाया जाए. ज्यादा से ज्यादा छात्रों को हेलमेट लगाने के लिए प्रेरित करें.
