दुर्गापुर/पटना, (वार्ता) जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों से हो रही लगातार भारी बारिश के कारण दामोदर घाटी जलाशय विनियमन समिति (डीवीआरआरसी) ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के सिंचाई विभाग को बाढ़ के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी करने को कहा है। वहीं, पटना प्रशासन ने संभावित बाढ़ को देखते हुए तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी बढ़ा दी है।
केंद्रीय जल आयोग के अधीन डीवीआरआरसी ने दामोदर नदी पर मैथन और पंचेत जलाशयों से पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ाने के निर्देश दिये हैं। समिति के सदस्य सचिव संजीव कुमार ने बताया कि लगातार बारिश के कारण सहायक नदियों से जलाशयों में तेजी से पानी पहुंच रहा है और गुरुवार सुबह तक जल निकासी और बढ़ायी जा सकती है।
बढ़ते जलस्तर से पूर्व बर्दवान, हुगली और हावड़ा जैसे निचले इलाकों में गुरुवार को बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। दुर्गापुर स्थित दामोदर बैराज से जल निकासी बढ़ाकर 1,11,600 क्यूसेक कर दी गयी है। बैराज में जलस्तर 210.80 फुट पहुंच गया है, जबकि अधिकतम निर्धारित स्तर 211.50 फुट है।
दक्षिण बंगाल के प्रमुख नदी घाटियों में रातभर हुई भारी बारिश के बाद जल निकासी में वृद्धि की गयी है।
इधर, पड़ोसी राज्यों में भारी बारिश और बाणसागर बैराज तथा इंद्रपुरी जलाशय से पानी छोड़े जाने के बाद पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने अधिकारियों को संभावित बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।
कमजोर तटबंधों के पास रेत की बोरियां, नायलॉन के क्रेट, ट्रैक्टर और जनरेटर सहित आवश्यक सामग्री उपलब्ध रखने तथा कर्मचारियों की चौबीसों घंटे तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है।
राहत शिविरों में पेयजल, शौचालय, प्रकाश, भोजन और दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था के साथ सामुदायिक रसोई और चिकित्सा शिविर संचालित करने के निर्देश दिये गये हैं। चिकित्सा शिविरों में जीवनरक्षक दवाओं के अलावा सांप और कुत्ते के काटने की दवाएं भी पर्याप्त मात्रा में रखने को कहा गया है।
आपात स्थिति में समन्वय और सूचना संग्रह के लिए जिला स्तर पर 24 घंटे संचालित नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय कर दिया गया है।
