
जबलपुर। हाईकोर्ट ने नरसिंहपुर जिले के छह किसानों के खेतों में रखी लोक निर्माण विभाग की सड़क निर्माण सामग्री तीन दिन के भीतर हटाने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल व न्यायमूर्ति अवनीन्द्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने नरसिंहपुर कलेक्टर रजनी सिंह को किसानों की जमीन को उसके मूल स्वरूप में लौटाकर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। मामले में वर्ष 2021 में छह किसानों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि ग्राम जामुन पानी और भोरपानी, तहसील तेन्दूखेड़ा स्थित उनकी कृषि भूमि पर सड़क निर्माण की कार्रवाई की जा रही है।
सुनवाई के दौरान कलेक्टर रजनी सिंह स्वयं हाईकोर्ट में उपस्थित हुईं। उन्होंने बताया कि किसानों की जमीन पर सड़क का निर्माण नहीं किया गया है, बल्कि लोक निर्माण विभाग की सड़क निर्माण सामग्री वहां रखी गई है। शासन की ओर से तर्क दिया गया कि सामग्री पीडब्ल्यूडी की है और जिला प्रशासन का इससे सीधा संबंध नहीं है।
इस पर डिवीजन बेंच ने कहा कि कलेक्टर जिले के प्रभारी हैं और विभागीय स्तर पर समस्या का समाधान सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है। कोर्ट ने तीन दिन के भीतर सामग्री हटाकर किसानों के खेतों को मूल स्थिति में बहाल करने तथा अगली सुनवाई में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी।
