गाजा, 02 सितंबर (वार्ता) गाजा में इस वर्ष संघर्षविराम के बावजूद इजरायली हमलों में 900 से अधिक लोग मारे गये हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 10 अक्टूबर को संघर्षविराम घोषित किये जाने के बाद से गाजा में मारे गये फलस्तीनियों की कुल संख्या 1,300 से अधिक हो गयी है, जिनमें 301 बच्चे शामिल हैं।
मंत्रालय के अनुसार, हमास और इजरायल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 20 सूत्रीय शांति योजना को स्वीकार करने के बाद संघर्ष रोकने पर सहमति जतायी थी। योजना में हवाई और तोपखाने से बमबारी समेत सभी सैन्य अभियानों को रोकना शामिल था।
स्वास्थ्य मंत्रालय मौतों के लिए सीधे इजरायली सैन्य कार्रवाई को जिम्मेदार ठहराता है, हालांकि उसके आंकड़ों में आम नागरिकों और लड़ाकों के बीच अंतर नहीं किया गया है। संयुक्त राष्ट्र इन आंकड़ों को विश्वसनीय मानता है और स्वतंत्र विशेषज्ञों के विश्लेषण भी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुरूप हैं।
बीबीसी वेरिफाई ने एक रिपोर्ट में कहा कि उसने संघर्षविराम के बाद से गाज़ा में कई वीडियो की जांच की है। एक वीडियो में, 18 अगस्त को गाज़ा सिटी के समुद्र किनारे बने एक कैफ़े पर हुए हमले के बाद इमरजेंसी सर्विस के लोग लोगों की मदद करते हुए दिखे। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस हमले में छह लोगों की मौत हो गयी थी। अगले दिन, अल-तुफ़ाह इलाके में पुलिस मुख्यालय पर हुए हमले में नौ लोगों की मौत की खबर है, जिनमें एक 13 साल का बच्चा भी शामिल था।
इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने मंत्रालय के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह मानने का कोई आधार नहीं है कि सूची में शामिल सभी लोग उसकी कार्रवाई में मारे गये।
आईडीएफ ने कहा कि वह समझौते के अनुरूप खतरों को खत्म करने तथा अपने सैनिकों और इजरायली नागरिकों की सुरक्षा के लिए सटीक तरीके से अभियान चला रहा है और नागरिकों को होने वाले नुकसान को यथासंभव कम करने का प्रयास करता है।
आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से अगस्त के बीच प्रत्येक महीने 100 से अधिक लोगों की मौत दर्ज की गयी। इस वर्ष की शुरुआत में इजरायली मीडिया ने एक इजरायली सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया था कि गाजा संघर्ष में 70,000 से अधिक लोग मारे गये हैं, जिनमें 20,000 से अधिक लड़ाके शामिल थे।
