भैंसोला पुनर्वास में बदहाली का आलम, जयस ने प्रशासन को दी आर-पार की चेतावनी

बदनावर। भैंसोला पुनर्वास क्षेत्र में रह रहे विस्थापित परिवारों की समस्याओं को लेकर जयस ने बुधवार को क्षेत्र का निरीक्षण किया। पदाधिकारियों ने विस्थापित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। इस दौरान लोगों ने अधूरे मकान, मकानों में दरारें, पेयजल और शौचालय सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी की शिकायत की। जयस ने मकानों के निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए प्रशासन से जांच की मांग की है।

निरीक्षण के दौरान जयस पदाधिकारियों ने निर्माणाधीन और आवंटित मकानों की स्थिति देखी। संगठन के अनुसार कई मकानों का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। कुछ मकानों में दरारें आने की शिकायत भी सामने आई। वहीं कुछ मकानों की पहली मंजिल पर जाने के लिए सीढ़ियों की उचित व्यवस्था नहीं होने की बात भी कही गई। विस्थापितों ने क्षेत्र में स्कूल सहित अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी की समस्या भी बताई।

ऐसे मकानों में जनप्रतिनिधि रह पाएंगे क्या : गिरवाल

जयस अध्यक्ष राहुल गिरवाल ने कहा कि विस्थापित परिवारों को मकान देने के साथ वहां जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी शासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं हैं तो ऐसे मकानों का आवंटन क्यों किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसी ही व्यवस्था वाले मकानों में कलेक्टर, एसडीएम, विधायक या अन्य जनप्रतिनिधि रह सकते हैं। यदि नहीं, तो विस्थापित परिवारों को ऐसी परिस्थितियों में रहने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है।

मकानों का स्वामित्व देने की मांग

जयस जिलाध्यक्ष सुनील डावर ने कहा कि विस्थापित परिवारों को आवंटित मकानों का पूर्ण स्वामित्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवारों को मकानों की देखरेख, मरम्मत और आवश्यकता पड़ने पर पुनर्निर्माण का अधिकार मिलना चाहिए। साथ ही बिजली और पानी की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराने की मांग की।

पांच दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन

समाजिक कार्यकर्ता सचिन पाटीदार ने बताया कि तीन दिन पहले प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को विस्थापितों की समस्याओं के समाधान के लिए सात दिन का समय दिया गया था। अब पांच दिन शेष हैं। उन्होंने कहा कि तय समय में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वह भी जयस के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे। जरूरत पड़ी तो आंदोलन को सड़क से लेकर संसद तक ले जाया जाएगा।

जयस कार्यकारी अध्यक्ष ऊंकार भाभर ने कहा कि विस्थापित परिवार लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। यदि तय समय में समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो जयस अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेगा।

जयस ने कलेक्टर से भैंसोला पुनर्वास क्षेत्र का निरीक्षण करने और मकानों में उपयोग की गई निर्माण सामग्री व निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। संगठन ने कहा कि जांच में लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

जयस पदाधिकारियों ने कहा कि जमीन लेते समय विस्थापित परिवारों से किए गए वादों को पूरा किया जाना चाहिए। पुनर्वास क्षेत्र में पानी, बिजली, शौचालय, स्कूल सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर विस्थापितों को बेहतर रहने का माहौल दिया जाए।

निरीक्षण के दौरान जिला मीडिया प्रभारी अजय डावर, उपाध्यक्ष मनीष डावर, प्रभारी श्याम ओसारी, कोषाध्यक्ष जितेंद्र मुनिया, दिनेश सहित जयस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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