
वॉशिंगटन, 02 सितंबर (वार्ता) अमेरिका ने तुर्की के आर्टेमिस समझौते पर हस्ताक्षर करने का स्वागत किया है और इसके साथ ही तुर्की अंतरिक्ष खोज में शांतिपूर्ण, टिकाऊ एवं पारदर्शी सहयोग के लिए बने इस ढांचे में शामिल होने वाला 71वां देश बन गया है।तुर्की के उद्योग एवं प्रौद्योगिकी मंत्री मेहमत फतिह कासिर ने अमेरिका में नासा मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में इन समझौतों पर हस्ताक्षर किये। अंतरिक्ष और पर्यावरण मामलों के लिए अमेरिकी उप सहायक विदेश मंत्री कॉनर टॉमलिंसन और नासा प्रशासक जेरेड इसाकमैन इस हस्ताक्षर समारोह के गवाह बने। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) का लंबे समय से सहयोगी रहा तुर्की, रक्षा सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यावसायिक साझेदारी के मामलों में अमेरिका के साथ मिलकर काम करता है।
आर्टेमिस समझौते 2020 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान अमेरिका और सात अन्य देशों (ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, इटली, जापान, लक्जमबर्ग, संयुक्त अरब अमीरात और ब्रिटेन) द्वारा शुरू किए गये थे। इनका मकसद जिम्मेदार नागरिक अंतरिक्ष खोज के लिए व्यावहारिक सिद्धांत तय करना है। मॉरिशस 17 जुलाई को इस समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला 70वां देश बना था, जिससे तुर्की के इस पहल में शामिल होने वाला नवीनतम देश बनने का रास्ता साफ हुआ।
ये समझौते सिद्धांतों का एक ऐसा समूह हैं जो 1967 की ‘आउटर स्पेस ट्रीटी’ (बाह्य अंतरिक्ष संधि) पर आधारित हैं और इन्हें अमेरिका के विदेश विभाग और नासा मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं। इनमें अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण इस्तेमाल, पारदर्शिता, इंटरऑपरेबिलिटी (अलग-अलग प्रणालियों का एक साथ काम करना), आपातकालीन सहायता, अंतरिक्ष वस्तुओं का रजिस्ट्रेशन, वैज्ञानिक डेटा साझा करना, अंतरिक्ष विरासत की सुरक्षा, अंतरिक्ष संसाधनों का इस्तेमाल, गतिविधियों में तालमेल और ऑर्बिटल मलबे (अंतरिक्ष में जमा कचरे) को कम करने जैसे विषय शामिल हैं। अमेरिका ने कहा है कि इन सिद्धांतों का मकसद अंतरिक्ष के सुरक्षित और अनुमान लगाने योग्य माहौल को बढ़ावा देना और टिकाऊ खोज कार्यों (जिसमें नासा के आर्टेमिस प्रोग्राम से जुड़ी गतिविधियां भी शामिल हैं) में मदद करना है।
