
नयी दिल्ली, 02 सितंबर (वार्ता) फिलेंथ्रॉपी एशिया एलायंस (पीएए) ने भारत में दासरा एलायंस को अपना नेटवर्क पार्टनर बनाया है। पीएए टेमसेक ट्रस्ट की पहल है, जिसका उद्देश्य पूरे एशिया में मिलकर किए जाने वाले परोपकारी प्रयासों को बढ़ावा देना है। पीएए ने बुधवार को बताया कि वह अपने फंडिंग सदस्यों के साथ मिलकर अलग से रॉकेट लर्निंग और फ्रंटियर इनोवेशंस को समर्थन देगा, ताकि बचपन की शुरुआती शिक्षा और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए देश में तैयार किए गए समाधानों को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया जा सके।
फिलेंथ्रॉपी एशिया ने बताया कि इससे उसके नेटवर्क में नयी विशेषज्ञता और साझेदारियां जुड़ेंगी। साथ ही परोपकारी फंड ऐसे कार्यक्रमों तक पहुंचेंगे, जिनमें बड़े स्तर पर आगे बढ़ने की क्षमता पहले ही दिखाई दे चुकी है। पीएए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शॉन शिओ ने कहा, “भारत कुछ सबसे कठिन सामाजिक और पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों के समाधान तैयार कर रहा है। इनमें से कई समाधान देश से बाहर भी अच्छी तरह काम करने के लिए तैयार हैं। पीएए की भूमिका अपने सदस्यों की फंडिंग और नेटवर्क को भारत तक लाना है। साथ ही भारतीय संगठनों को एशिया के दूसरे हिस्सों और ग्लोबल साउथ में साझेदारियां बनाने का रास्ता देना है। इन संबंधों को और मजबूत करके हम कसौटी पर कसे जा चुके मॉडल को लाखों और लोगों तक पहुंचाने में मदद कर सकते हैं।”
दासरा के साथ साझेदारी के तहत दासरा फिलेंथ्रॉपी वीक और इंडिया फिलेंथ्रॉपी फोरम जैसे मंचों के जरिये मिलकर कार्यक्रम आयोजित करने की भी योजना है। दासरा की सहसंस्थापक नीरा नंदी ने कहा, “भारत केवल परोपकारी फंड पाने की जगह नहीं है। यहां के समाज और सामाजिक क्षेत्र के नेताओं ने ऐसा ज्ञान और ऐसे तरीके विकसित किए हैं, जो देश के बाहर भी समाधान तैयार करने में मदद कर सकते हैं। पीएए के साथ हमारी साझेदारी के जरिये इन लोगों की आवाज एशिया और ग्लोबल साउथ की चुनौतियों से निपटने के लिए परोपकार के तरीके तय करने में और मजबूत भूमिका निभा सकती है।”
