इंदौर:सरकारी काम के भुगतान का झांसा देकर साइबर जालसाज ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को निशाना बनाया. खुद को नायब तहसीलदार बताकर आरोपी ने पहले खाते में 10 रुपए भेजे, फिर रकम जमा होने के फर्जी संदेश भेजकर महिला के खाते से करीब 50 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए.नंद नगर निवासी केशकली पाल यादव के साथ 4 अगस्त की दोपहर ठगी हुई. वह अस्पताल में काम करने के साथ आंगनवाड़ी में टीकाकरण का काम भी करती हैं. उनके पास अज्ञात नंबर से फोन आया. कॉल करने वाले ने खुद को नायब तहसीलदार बताते हुए कहा कि आंगनवाड़ी के शौचालय की मरम्मत की राशि उनके खाते में भेजी जानी है.
केशकली ने अधिकारी के खाते में भुगतान करने की बात कही तो जालसाज ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी ने राशि उनके खाते में डालने के निर्देश दिए हैं. भरोसा कायम करने के लिए उसने पहले 10 रुपए भेजे और महिला से इसकी पुष्टि कराई. इसके बाद आरोपी ने 39,990 रुपए जमा होने का संदेश भेजा और तकनीकी समस्या बताकर इसे असफल बताया. फिर 15 हजार और 35 हजार रुपए के दो और लेनदेन के फर्जी संदेश भेजे. महिला के खाते में रकम आने के बजाय उसके खाते से ही रुपए निकलकर आरोपी के खाते में चले गए. ठगी का पता चलते ही महिला ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की. प्राथमिक जांच के बाद मामला बाणगंगा थाने पहुंचा. पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है.
